फरीदपुर, बरेली। ब्लॉक भुता (कुआंडांडा) के गांव भगवन्तापुर में खुद को हकीम बताने वाला व्यक्ति अस्पताल संचालित कर रहा। मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज भी किया जा रहा है। अस्पताल मे इलाज करने वाले चिकित्सकों की योग्यता और संस्थान की वैधानिक अनुमति को लेकर हकीम से जानकारी चाही तो बगले झांकने लगे। अस्पताल मे आसिफ नामक व्यक्ति द्वारा संचालित इस अस्पताल में हड्डियों से संबंधित मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। मरीजों को पट्टी बांधने के साथ कथित तौर पर अंग्रेजी दवाइयां भी दी जा रही है। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप है कि अस्पताल में कोई प्रशिक्षित एवं योग्य चिकित्सक नियमित रूप से उपलब्ध नही रहता। अस्पताल में सबसे गंभीर पहलू यह है कि अस्पताल मे एक महिला मरीज भी भर्ती थी। जिसके लिए यूरिन कैथेटर (यूरिन की नली) लगी थी। वहीं के लोगों ने बताया कि इसे हकीम द्वारा लगाया गया है। ऐसे मरीज की देखभाल और चिकित्सकीय प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की आवश्यकता होती है। आरोप है कि अस्पताल में महिला मरीजों की पट्टी अथवा देखभाल के लिए कोई महिला स्वास्थ्यकर्मी या नर्स उपलब्ध नही थी। इस स्थिति ने महिला मरीजों की सुरक्षा, गरिमा दरकिनार कर महिला का खुले में उपचार किया जा रहा है जबकि पास मे कई पुरुष बैठे यह देख रहे थे। महिला के और उपचार की व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए है। अस्पताल जैसे इस भवन मे कई मरीजों के भर्ती होने के बावजूद अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि अस्पताल के पास अग्निशमन विभाग की आवश्यक एनओसी नही है। नगर क्षेत्र के नजदीक इतने बड़े स्तर पर अस्पताल जैसे संस्थान के संचालित होने और उसमें मरीजों को भर्ती कर उपचार किए जाने के बावजूद सीएचसी प्रभारी की नजर इस पर नहीं पड़ी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि संस्थान वास्तव में बिना आवश्यक पंजीकरण, मान्यता, प्रशिक्षित चिकित्सकीय स्टाफ और अग्निशमन सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहा है तो स्वास्थ्य विभाग के अफसर की मिलीभगत से अस्पताल संचालित किया जाना माना जा सकता है। इस संबंध में एमओआईसी कुँआडांडा से बात की तो मामले की जांच करने को कहते हुए बचते नजर आए। डिप्टी सीएमओ डा. लईक अंसारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, सोमवार को मौके पर जाकर जांच करके नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।।
बरेली से कपिल यादव
