बरेली। वायरल बुखार और सांस की बीमारियों का हमला लगातार बढ़ता जा रहा है। जिला अस्पताल का फीवर वार्ड फुल हो गया है। अब मरीजों को हीट स्ट्रोक वार्ड में भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है। इसके साथ ही अस्पताल प्रबंधन ने मरीज बढ़ने की दशा में वार्ड में बेंच लगाकर रोगियों का उपचार करने की तैयार की है। बुखार, पेट दर्द और संबंधी बीमारियों की दवा करीब एक माह के लिए स्टोर में है। एहतियातन बुखार और पेट की दवाओं की मांग भी मेडिकल कारपोरेशन को भेजी गई है। गुरुवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की काफी भीड़ रही। पर्चा बनवाने से लेकर जांच कराने, दवा लेने में मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मच्छरजनित बीमारियों का हमला भले ही कम हो लेकिन वायरल बुखार के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जिला अस्पताल का बुखार वार्ड मरीजों से फुल हो गया है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एएम अग्रवाल ने बताया कि बीते करीब दो सप्ताह से बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। कई मरीज बुखार के साथ ही सांस की बीमारी से भी पीड़ित हैं। वार्ड फुल होने के बाद अब मरीजों को हीट स्ट्रोक वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। यह वार्ड मई-जून में हीट स्ट्रोक मरीजों के लिए रिजर्व किया गया था। एडीएसआईसी डॉ. आरसी दीक्षित ने बताया कि इस समय हीट स्ट्रोक का खतरा नहीं है। ऐसे में वार्ड खाली है। अब यहां बुखार के मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ने से पैथलाजी पर दबाव बढ़ गया है। आम दिनों में जहां 150-160 मरीजों की जांच होती थी, वहीं इस समय आंकड़ा 250 पार कर गया है। एडीएसआईसी के निर्देश पर पैथलाजी में अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की गई है। लैब में भी स्टाफ बढ़ा है।।
बरेली से कपिल यादव
