बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. केपी सिंह के विदाई समारोह के दौरान जमकर हंगामा हुआ। शिक्षक संघ की ओर से ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल में आयोजित समारोह में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पदाधिकारी पहुंच गए और पूर्व में संगठन के पदाधिकारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग को लेकर विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर मौजूद शिक्षकों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी। आरोप है कि इस दौरान कुलपति और कुछ शिक्षकों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति बिगड़ती देख शिक्षक कुलपति प्रो. केपी सिंह को ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल से बाहर लेकर आए। एबीवीपी पदाधिकारी मुकदमे वापस लेने की मांग पर अड़े रहे। कुछ देर तक चले हंगामे के बाद मामला शांत हुआ और विदाई समारोह दोबारा शुरू किया गया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. केपी सिंह ने एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री विकास गोला को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। विश्वविद्यालय में संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। इसके बाद समारोह में शिक्षकों ने कुलपति के कार्यकाल के अनुभव साझा किए और उन्हें विदाई दी। उन्होंने कहा कि मुकदमों से जुड़े जिन मामलों को लेकर छात्र नेताओं का जोर था वो अब कोर्ट में हैं। उन्होंने कहा कि इसमें सीधे तौर पर वह दखल नही कर सकते। इसके अलावा एबीवीपी ने आरोप लगाया कि विशेष सचिव गिरजेश कुमार त्यागी ने वित्त संबंधी मामलों में जवाब मांगा था मगर अभी तक जवाब नहीं दिया गया। अनावश्यक पेड़ों की कटाई, बिना पारदर्शी बोली प्रक्रिया के टेंडर किए जाने, स्थानांतरण के बावजूद कुछ कर्मचारियों को कार्यमुक्त न किए जाने, छात्रावासों में सीटें रिक्त होने के बावजूद छात्रों को आवंटन न किए जाने जैसे मुद्दे उठाए। छात्रनेता श्रेयांश वाजपेयी, आयुश शर्मा, सत्यम गुर्जर, दीपांशु चौधरी, हर्षित चौधरी, लक्की शर्मा, अभिषेक, आदित्य, युवराज, अंश गंगवार, कुशल आदि मौजूद रहे।।
बरेली से कपिल यादव
