बरेली। उर्स-ए-शराफती के आखिरी दिन मंगलवार को मोहल्ला शाहाबाद स्थित दरगाह शाह शराफत अली मियां पर कुल की रस्म में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दरगाह से लेकर आसपास की सड़कों और गलियां भीड़ से खचाखच भरी रही। कुल की रस्म शुरू होते ही अकीदतमंदों ने हाथ उठाकर हिन्दुस्तान में अमन-चैन, कौम की सलामती और परेशानियों के दूर होने की दुआ की। मीडिया प्रभारी हमजा सकलैनी ने बताया कि सुबह कुल से पहले उलेमा की तकरीर का कार्यक्रम हुआ। इसमें दीगर उलेमा ने नात-ओ-मनकबत का नजराना पेश किया। तकरीर में उलेमा ने कौम को आपसी इत्तेहाद,मोहब्बत और भाईचारे के साथ रहने की हिदायत दी। उन्होंने बच्चों को दुनियावी तालीम के साथ दीनी तालीम दिलाने पर भी जोर दिया। दरगाह के सज्जादानशीन गाजी मियां के साथ अकीदतमंदों ने दुरूद-ए-पाक पढ़ा। उर्स के आखिरी दिन जुलूस में गुलपोशी और चादरपोशी का सिलसिला दिनभर जारी रहा। दूर-दराज से पहुंचे अकीदतमंदों ने शाह शराफत अली मियां के नारे लगाए। दरगाह पर चादर चढ़ाने के लिए जायरीन की भीड़ लगी रही। अकीदत का यह सिलसिला देर तक चलता रहा।।
बरेली से कपिल यादव
