बरेली। 20 सफर के मौके पर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के 72 शहीदों की याद में शिया समुदाय ने शहर में अलम के जुलूस निकाले। विभिन्न अंजुमनों के जुलूस निर्धारित मार्गों से होते हुए शिया कर्बला पहुंचे, जहां मातम, नौहाख्वानी और चिरागां के साथ शहीदाने कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। पहला जुलूस इमामबाड़ा मरहूम कमाल हसन नकवी जखीरा से अंजुमन ऑल इंडिया गुलदस्ता-ए-हैदरी की ओर से निकाला गया, जिसकी मजलिस को मौलाना शम्सुल हसन खां ने संबोधित किया। दूसरा जुलूस इमामबाड़ा मरहूम जुर्रियत हुसैन काजमी जखीरा से अंजुमन गुलदस्ता-ए-हैदरी ने निकाला, जहां मजलिस को मौलाना समर हैदर आब्दी ने खिताब किया। दोनों जुलूस अपने पारंपरिक मार्गों से होते हुए खन्नू मोहल्ला, गदैया, फूलवालन, डोमिनी मस्जिद रोड, कंघीटोला, किला चौराहा और दीवानखाना रोड से होकर काला इमामबाड़ा पहुंचे। यहां से सभी जुलूस किला क्रॉसिंग, अली कॉलोनी और लीचीबाग मोड़ होते हुए स्वालेनगर स्थित शिया कर्बला पहुंचे। शिया कर्बला में सभी अंजुमनों ने नौहाख्वानी और मातम किया, जिसके बाद जुलूस का समापन हुआ। मीडिया प्रभारी शानू काजमी ने बताया कि चेहल्लुम पर शिया समुदाय के लोगों ने 72 शहीदों की याद में चिरागा किया।।
बरेली से कपिल यादव
