बरेली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बरेली के कैनविज ग्रुप के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। कैनविज ग्रुप पर सैकड़ों लोगों से 800 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है। ईडी ने कैनविज ग्रुप के मुख्य संचालक कन्हैया गुलाटी समेत 12 लोगों को नोटिस भेजा है। गुलाटी बरेली के बारादरी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। कैनविज ग्रुप ने निवेशकों को कई गुना अधिक ब्याज का लालच देकर करोड़ों रुपये जमा कराए थे। इसके बाद एजेंटों को बेशकीमती तोहफे बांटे गए। जब निवेशकों ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो कंपनी संचालक गायब हो गए। इस मामले में पुलिस में दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने निदेशकों और प्रमोटरों को पूछताछ के लिए बुलाया है। कन्हैया गुलाटी ने बरेली मंडल के साथ झारखंड और बिहार में भी अपना नेटवर्क फैला रखा था। उसने अपने परिवार और सहयोगियों के साथ मिलकर लोगों को निवेश में बड़े मुनाफे का झांसा दिया। रुपये लौटाने का समय आने पर गुलाटी परिवार के साथ फरार हो गया। बरेली पुलिस अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। कन्हैया लाल गुलाटी के खिलाफ बरेली जिले में 66 से ज्यादा मामले दर्ज हो चुके हैं। इन मामलों में अभी तक बरेली एसआईटी जांच कर रही है। अब इनकी विवेचना पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को देने का फैसला लिया गया है। डीआईजी के स्तर से इसकी पत्रावली शासन को भेजी गई है। वहां से अनुमति मिलते ही विवेचना ट्रांसफर कर दी जाएगी।।
बरेली से कपिल यादव
