बरेली। रहमत, मगफिरत और जहन्नम से आजादी का तोहफा लेकर हाजिर, मुकद्दस रमजान विदा ले रहा है। रमजान का आखिरी अशरा है। इस मुवारक महीने में रोजेदार कसरत के साथ इवादत मे जुटे है। शुक्रवार को जुमा-तुल विदा (अलविदा) थी। मस्जिदे नमाजियों से खचाखच भरी रहीं। इमाम ने रमजान की फजीलत बयान की। मुवारक माह की विदाई पर उनका गला भर आया। पैगाम दिया कि ईद से पहले फितरा और जकात निकालें। गरीब, कमजोर और जरूरतमंदों की मदद करें, ताकि वे भी खुशी के साथ ईद मना सकें। किला की जामा मस्जिद में शहर इमाम मुफ्ती खुशीद आलम ने नमाज अदा कराई। रमजान, कुरआन, फितरा और जकात की फजीलत बयान की। मुल्क और मिल्लत की खुशहाली के लिए दुआ में हाथ उठे। दरगाह आला के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी के मुताविक, सबसे आखिर में दरगाह आला हजरत स्थित मस्जिद में मुफ्ती जईम रजा ने नमाज अदा कराई। दरगाह प्रमुख मौलाना सुव्हानी मियां, सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां समेत आला हजरत परिवार के सभी लोगों ने नमाज अदा की। सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने कहा कि बेहतर यही है कि जकात और सदका की रकम जल्द अदा कर दें ताकि जरूरतमंद मुसलमान भी इंद की खुशियों में शामिल हो सके। कहा कि रोजे मुकम्मल होने में चंद दिन वचे हैं। ज्यादा से ज्यादा वक्त इवाटत में गुजारें। अपने रव को राजी करें। गुनाहों से माफी मांगें। इंसानियत की राह पर चलें। दिलों को नरम रखें। कमजोरों के लिए हमदर्दी पैदा करें। खानकाहे नियाजिया, दरगाह शाह शराफत अली मियां, दरगाह शाहदाना बली, दरगाह बली मियां, दरगाह बशीर मियां, खानकाहे वामिकिया, नौमहला मस्जिद, नूरानी मस्जिद, सुनहरी मस्जिद, पीराशाह मस्जिद, साबरी मस्जिद, हवीविया मस्जिद, छः मीनारा मस्जिद, बीवी जी मस्जिद समेत शहर, गांव और कस्बों मे तुमा-तुल बिदा की नमाज अदा की। जुमा-तुल विदा को लेकर शहर में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम रहे। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने पहले से ही व्यवस्था कर रखी थी। नमाज से पहले ही पुलिस की गश्त शुरू हो गई। जामा मस्जिद से लेकर भीड-भाड़ वाली जगहों पर पुलिस फोर्स तैनात रही।।
बरेली से कपिल यादव
