बरेली। शुभमुहूर्त मे लोगों ने पूजा कर सोमवार शाम को होलिका दहन किया। मंगलवार को चंद्र ग्रहण के कारण इस बार होलिका दहन को लेकर संशय था। सोमवार को दो हजार से अधिक स्थानों पर होलिका दहन हुआ। शेष करीब 1100 जगहों पर मंगलवार रात तो कई जगह लोक पंरपरा के मुताबिक चार मार्च की सुबह होलिका दहन होगा। होलिका दहन का सिलसिला देर रात से तड़के सवा चार बजे तक चलता रहा। जिले में होलिकाओं के सामने श्रद्धालुओं ने विधि विधान से पूजन किया। लोगों ने गन्ना, उपले, गुझिया और गुलाल अर्पित कर परिवार की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। देर रात शहर के कई मोहल्लों में लोग ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते नजर आए। एक-दूसरे को गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दी। युवाओं ने फाग गीतों पर नृत्य किया। वहीं, बाजारों में रंग-गुलाल की खरीदारी होती रही। होलिका दहन के बाद लोगों ने घरों में प्रसाद वितरित किया। होलिका दहन के पहले लोगों ने होलिका की पूजा की। उनसे सुखद भविष्य के लिए वरदान मांगने के साथ ही घर, परिवार और समाज के कल्याण की कामना की। घरों से सरसों, कंडे, गन्ने की पत्तियां लोगों ने होलिका में डालकर परिक्रमा की। होलिका दहन के साथ रंगों की बौछार भी कई जगहों पर की गई। इसके बाद लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को होली की बधाई दी। होलिका दहन को लेकर जगह जगह उत्साह का माहौल देखने को मिला। होलिका स्थल पर होली के गीतों की मस्ती में लोग थिरकते, नाचते नजर आए। लोगों ने बलगुरिया और कंडे पर स्वास्तिक का निशान बनाकर होलिका को अर्पण किया। धूप, दीप, नौवैद्य आदि का भोग लगाकर अग्नि की परिक्रमा की। कई जगहों पर लोगों ने पंडितों को बुलाकर मंत्रोच्चारण के साथ पूजन कराकर होलिका दहन किया। होलिका दहन के बाद लोगों ने सुख, समृद्धि के लिए जी, चने, गन्ने आदि चढ़ाए। कुछ जगहों पर परंपरा के अनुसार भोर में भी होलिका दहन किया जाना है। विद्युत उपकेंद्र व होलिका दहन स्थलों का निरीक्षण: बरेली। मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने सोमवार को लाल फाटक विद्युत उपकेंद्र समेत अन्य जगहों का निरीक्षण किया। सभी एक्सईएन, एसडीओ, जेई को अपने क्षेत्रों में निरीक्षण करने व तार के नीचे लगी होली को उससे दूर कराने के निर्देश दिए, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित न ही मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने बताया कि सभी एसडीओ, जेई व टीजी टू को निर्देशित किया।।
बरेली से कपिल यादव
