बरेली। रिठौरा क्षेत्र मे गुरुवार सुबह हुए भीषण हादसे मे दो लोगों की मौत होने के मामले की सूचना न देने की लापरवाही पर एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने क्षेत्रीय लेखपाल दिनेश कुमार को निलंबित कर दिया। साथी लेखपाल के निलंबन की सूचना पर लेखपाल संघ ने कड़ा विरोध जताया। लेखपाल संघ ने शुक्रवार को पहले तहसील सदर के सभागार में बैठक कर आंदोलन की रणनीति वनाई। इसके बाद एकजुट होकर एसडीएम कक्ष के बाहर फर्श पर बैठकर निलंबन का विरोध करते हुए नारेबाजी की। बाद में एसडीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई वापस लेने की मांग की। रिठौरा क्षेत्र मे गुरुवार सुबह तेज रफ्तार दौड़ रहे ट्रक ने कोहरे मे वोरिंग करने का सामान लेकर जा रहे ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। हादसे में नल मिस्त्री और ई-रिक्शा चालक की मौके पर मौत हो गई थी। हादसे में दो लोग घायल हुए थे। इस प्रकरण में क्षेत्रीय लेखपाल ने एसडीएम सदर को जानकारी नहीं दी। जब दोपहर करीव दो वजे डीएम अविनाश सिंह को रिठौरा में हुए हादसे की जानकारी हुई तो उन्होंने एसडीएम सदर से सूचना न होने पर नाराजगी जताई थी। डीएम के निर्देश देने पर एसडीएम सदर मौके पर पहुंचे थे। एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने बताया कि रिठौरा में हुए सड़क हादसे की सूचना लेखपाल दिनेश ने समय पर नहीं दी है। लापरवाही मे लेखपाल को निलंबित किया है ताकि भविष्य मे तहसील के सभी लेखपाल अपने क्षेत्र में हादसा या अन्य कोई बड़ा घटना-दुर्घटना होने पर एसडीएम को समय पर जानकारी दें। उधर, लेखपाल के निलंवन की जानकारी मिलते ही लेखपाल संघ के पदाधिकारी और अन्य लेखपाल सदर तहसील में एकत्र होकर एसडीएम की कार्रवाई का विरोध किया। लेखपालों ने पहले एसडीएम सदर की कार्रवाई का विरोध करने की रणनीति बनाई और फिर एसडीएम कार्यालय के बाहर ही फर्श पर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान लेखपालों ने नारेवाजी भी की। लेखपालों के धरने की जानकारी अफसरों को हुई तो तहसीलदार सदर भानु प्रताप सिंह ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने उनकी बात नहीं मानी और अधिकारियों पर तानाशाही करने का आरोप लगाते हुए दिनेश कुमार का निलंबन वापस लेने की मांग की। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष योगेंद्र गंगवार ने सौरभ चौहान पदाधिकारियों के साथ एसडीएम सदर से मुलाकात की और विभिन्न बिंदुओं पर ज्ञापन सौपा। इस पर एसडीएम ने लेखपाल का जवाब मिलने पर आगे की कार्रवाई की वात कही। जिलाध्यक्ष योगेंद्र गंगवार का कहना है कि रिठौरा में हुए हादसे में लेखपाल दिनेश कुमार की कोई लापरवाही नहीं। एक लेखपाल के पास दस से 11 गांवों की जिम्मेदारी है। कई वार हादसा होने पर लोग लेखपाल को सूचना नही देते है। हादसे में ज्यादातर लोग पुलिस और एंबुलेंस को सूचना देते हैं। उन्होंने कहा कि लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई वापस नही लेने पर आगे बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।।
बरेली से कपिल यादव
