चार किलो मार्फीन के साथ शाहजहांपुर का तस्कर गिरफ्तार, सरगना फरार

बरेली। जनपद के थाना बारादरी पुलिस ने शााहजहांपुर के तस्कर को गिरफ्तार कर चार किलो 186 ग्राम अवैध मार्फीन बरामद की है। पंजाब से मार्फीन लेकर आए तस्कर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस बीच मुख्य तस्कर मौके से फरार हो गया। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि सोमवार रात बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने टीम के साथ डोहरा रोड पर मार्फीन की बड़ी खेप पकड़ी। शाहजहांपुर मे तिलहर के मोहल्ला बंगसान निवासी सिराज अहमद अपने साथी भमोरा के गांव देवचरा निवासी सुरेंद्र शर्मा के साथ पंजाब से मार्फीन की खेप लेकर आया था। यह मार्फीन डीसीएम मे फ्लोर के नीचे कैविटी बनाकर उसमे छिपाई गई थी। डोहरा रोड पर डीसीएम रोककर सिराज मार्फीन निकाल रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे दबोच लिया। सुरेंद्र शर्मा पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। बरामद की गई मार्फीन का वजन चार किलो 186 ग्राम है। सरगना सुरेंद्र शर्मा करता था सप्लाई की सेटिंग सिराज ने पूछताछ मे बताया कि पहले वह ट्रक ड्राइवर था। इसी दौरान सुरेंद्र शर्मा से उसकी मुलाकात हुई। सुरेंद्र ने ही उसे डीसीएम गाड़ी फाइनेंस पर खरीदकर दी और उसे इस तस्करी के धंधे मे शामिल किया। डीसीएम के नीचे एक कैविटी बनवाई गई। जिसमें पंजाब और नागालैंड से मार्फीन छिपाकर लाई जाती थी। यह माल पंजाब के फगवाड़ा से लाया गया था। चेकिंग से बचने के लिए खाली रखते थे गाड़ी सीओ पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि मार्फीन की खेप लेने दोनों एक साथ जाते थे। सिराज ने बताया कि उसका मोबाइल हमेशा बरेली में ही रखवा दिया जाता था, जो खेप लाने के बाद मिलता था। एक खेप के उसे एक लाख रुपये मिलते थे। मादक पदार्थ लाने के दौरान वे लोग डीसीएम को खाली रखते थे ताकि चेकिंग के दौरान उसे पकड़ा न जा सके। सुरेंद्र एक बार इसी तरह माल लाते समय कैंट में पकड़ा जा चुका है। उसकी एक गाड़ी अब भी कैंट थाने मे सीज है। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार तस्कर सिराज ने बताया कि उसने आठवीं तक की पढ़ाई की है। पूर्व मे वह बड़े ट्रकों पर ड्राइविंग का काम करता था। सुरेन्द्र शर्मा भी एक ट्रक चलाता था। दोनों की इसी दौरान मुलाकात हुई। धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ी तो सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि दूसरे की किराए पर गाड़ी क्यों चलाते हो खुद की ले ले। इस पर सिराज ने रुपये न होने का हवाला दिया। उसके बाद पांच लाख रुपये जमा कराकर उसे एक डीसीएम लोन पर दिलवा दी। उसी डीसीएम से सुरेन्द्र शर्मा महीने में एक या दो बार उसे लेकर पंजाब या नागालैंड जाता था। वहीं से बैग में मार्फिन या स्मैक लेकर खाली गाड़ी से ही वापस आता था। सुरेन्द्र शर्मा ने डीसीएम में नीचे एक कैबिन बनवाया था। उसी मे माल रखकर लाता था। जिसके बदले मे हर एक चक्कर का उसे एक लाख रुपये देता था। बाकी समय मे वह मंडी मे गाड़ी चलाकर अपना खर्चा निकालता था।।

बरेली से कपिल यादव

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