बाड़मेर /राजस्थान- राज्य में सरकार चाहे कोई भी हो लेकिन हमारे ढर्रे में कोई सुधार नही होगा यही कहावत आजकल चरितार्थ हो रही है शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति करने वाले जलदाय विभाग के कर्मचारियों और उनके चहेते ठेकेदार पर…
इन्द्रा गाधीं नहर से मोहनगढ़ जैसलमेर से बाड़मेर जिले और शहर के लिए सरकारी नहरी पानी लाखों करोड़ों लीटर शहरी क्षेत्रों के लिए इकट्ठा करने के साथ ही जीरो पाइन्ट से प्रतिदिन सप्लाई होता रहता है तो फिर जो रजिस्टर्ड जलदाय विभाग के उपभोक्ताओं के घरों तक पहुचने से पहले ही कहा गायब हो जाता है खासकर दान जी की होदी क्षेत्र में…
टन्की से सप्लाई करने वाले ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा अपनी मनमर्जी से जहाँ चाहे वही पर जल माफियाओं को नहरी पानी सप्लाई करने के साथ ही सरकारी रजिस्टर में सिर्फ खानापूर्ति कर समय दर्ज कर जलापूर्ति व्यवस्था की वाहवाही जरूर लूटने में लगे हुए हैं और ये आने वाली गर्मियों के मौसम में कहीं हमारे बाड़मेर शान्ति प्रिय शहर में कहीं तनातनी का माहौल पैदा न करदे…
जनवरी महिने में सिर्फ चार बार जलापूर्ति और फरवरी महिने में सिर्फ पाच बार और वो भी दो बार पाइपलाइन बिछाने वाले ठेकेदार द्वारा पाइपलाइन को सही से नहीं जोडने के कारण हजारों लीटर पानी व्यर्थ बहा लेकिन लोगो को पीने के लिए पानी नसीब नहीं हुआ..
बार बार फोन और उच्च अधिकारियों से बात करने के बाद में आखिरकार थक हारकर ए ई एन साहब ने जब पाइप लाइन सप्लाई लाइन का मौका स्थल पर जाकर वस्तु स्थिति देखा तो कहना पडा़ की वाकई में पानी की सप्लाई ही नहीं हो रही है ठेकेदार को जुर्माना के साथ ही पाबंदी लगाएंगे लेकिन सोचने वाली बात ये है कि ठेकेदार और अधिकारियों को दिनभर जलदाय विभाग की सरकारी आफिस में कुर्सियां से चिपकने से फुर्सत मिलेगी तो ही इन्द्रा कालोनी और दान जी की होदी क्षेत्र में जनता जनार्दन को पानी मिलेगा..
विस्तृत जानकारी लेने के लिए क्षेत्र के जब भटके और आश्चर्यजनक बात लोगों ने तो यहाँ तक बताया है कि जलदाय विभाग में जलापूर्ति व्यवस्था करने वाले ठेकेदार के कर्मचारियों को खुश रखोगे तो ठीक नहीं तो फिर आने वाली गर्मियों में यह कहोगे के पानी रे पानी तेरा रंग कैसा…..
– राजस्थान से राजूचारण
