बरेली। बुधवार को जिलाधिकारी शिवाकान्त द्विवेदी ने उत्तर प्रदेश महिला कल्याण विभाग द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा जूम मीटिंग के माध्यम से की। जिसमें जनपद के समस्त उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी ने प्रतिभाग किया। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, पति की मृत्यु उपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना पर विभिन्न अधिकारियों के स्तर पर लंबित प्रकरणों पर संज्ञान लिया एवं आपत्ति व्यक्त की। इस स्थिति पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उक्त योजनाओं का लाभ संबंधित अधिकारियों को तीन दिन के अंदर अपने अपने पोर्टल पर लंबित आवेदन पत्रों का गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण के आदेश दिए। जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार ने अवगत कराया गया कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना शासन की प्राथमिकता वाली योजना है। जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों की इस मीटिंग मे समीक्षा भी की गई। सर्व शिक्षा अभियान, स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत शिक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान मे कन्या सुमंगला योजना के तृतीय श्रेणी कक्षा 1 में प्रवेश पर दो हजार रुपये की धनराशि एवं चौथी श्रेणी कक्षा 6 मे प्रवेश पर 2 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है। नवीन लाभार्थियों को तत्काल चिन्हित करते हुए उसकी सूचना प्रेषित करने को कहा गया। योजना के अंतर्गत पात्र बेटियों को कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत कितने ऑनलाइन फॉर्म भरवाए गए है। बैठक मे मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में जिन बेटियों का जन्म 6 महीने के अंदर हुआ है और जो अपने मां-बाप की पहली या दूसरी संतान है। जिनकी आय तीन लाख से कम है। उनको लाभ की सूचना सात दिन अन्दर उपलब्ध कराए। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत 63 आवेदन पत्र लंबित है वहीं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य में 209 आवेदन पत्र एसडीएम एवं खंड विकास अधिकारियों के स्तर पर लंबित है इतने अत्यधिक आवेदन पत्र लंबित होने पर जिलाधिकारी बिफर गए और अप्रसन्नता व्यक्त की। जिस पर तीन दिन के अंदर जांच करते हुए अग्रसारित करने हेतु निर्देशित किया गया।।
बरेली से कपिल यादव
