बाड़मेर/राजस्थान- कोरोना के नए मरीजों का आजकल राज्य में फिर से आना फिर शुरू हो गया है। चिकित्सा विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि जानबूझकर लापरवाही बरतना आमजन के लिए फिर से भारी पड़ सकती है।
पिछले कुछ सालों से बडी तबाही का कारण बन चुकी कोरोना भड़भड़ी का डर अब आम लोगों के दिल से शायद निकल गया है। राज्य सरकार की ओर से लगाई गई सभी पाबंदियां भी आजकल हट गई है। देश और राजस्थान में आ रहे कोरोना के नए पाॅजिटिव मरीजों के आंकडें फिर से नई परेशानी पैदा कर सकते हैं। कोरोना के नए मरीजों में अब दिनों-दिन दोबारा से इजाफा होने लगा है। देश के कई राज्यों ने कोरोना की गाइड लाइन को लेकर सख्ती बरतना शुरू कर दिया है वहीं अधिकतर राज्य अभी ऐसे हैं जो कोरोना गाइड लाइन की पालना को गंभीरता से नहीं करा रहे हैं। ऐसे में आमजन के लिए फिर से यह लापरवाही भारी पड़ सकती है।
पिछले दो ढाई सालों में कोरोना ने पूरे विश्वपटल पर भारी तबाई मचाई है। जनवरी अंत तक आए कोरोना के नए मरीजों से ऐसा लग रहा था कि इस बार दोबारा से कोरोना का कहर देखने को मिलेगा। कोरोना से निपटने के लिए जहां सरकारी स्तर पर तैयारियां हो रही थी, वहीं आम आदमी भी डर के माहौल में था। लेकिन फरवरी के बाद के की स्थिति देखें तो अब कोरोना को लेकर सब निश्चिंत हैं। सभी ने मान लिया है कि अब कोरोना भड़भडी कभी
नहीं आएगा।
कोरोना को लेकर होने वाली भविष्यवाणियां भी अब नहीं हो रही है। लेकिन इसके विपरीत चीन के कुछ शहरों में कोरोना के नए पॉजिटिव मरीज लगातार सामने आ रहे हैं जो चिंता का विषय हो सकते हैं। भारत में भी कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। ऐसी स्थिति में कोरोना को लेकर अभी लापरवाही बरतना ठीक नहीं होगा। विशेषज्ञों ने भी इस बात को चेताया है।
जिला मुख्यालय पर सरकारी अस्पताल द्वारा टाऊन हाल में मेडिकल कॉलेज लैब के लिए नमूने इकट्ठा करने वाले लेब टेक्नीशियन बिहारी लाल पवार ने बताया कि आजकल विदेश जाने वाले और कुछ अन्य राज्यों के लोगों द्वारा जो केन्द्र सरकार की नौकरियां करते हैं या फिर जिले की खनिज सम्पदाओं वाले औधोगिक समूहों में लगे हुए प्रतिदिन पच्चीस तीस व्यक्ति कोराना भड़भडी की जाच करवा रहे हैं l मुझे लगता है कि दोनों वैक्सीन डोज़ के साथ ही बूस्टर डोज़ लेने से हमारे ऊपर कोरोना का खतरा कम हुआ है। वैक्सीन कोरोना महामारी का बचाव है। साथ ही कोरोना की सरकार द्वारा समय समय पर जारी गाइड लाइन का पालन करना भी आमजन के लिए बहुत जरूरी है।
– राजस्थान से राजूचारण
