मुखिया खोल रहे हैं नेताओं के लिए राजनीतिक नियुक्तियों का पिटारा

बाड़मेर/राजस्थान- अशोक गहलोत सरकार में शेष रही राजनीतिक नियुक्तियों को पूरा करने की दिशा में जोरशोर से काम शुरू हो गया है। इसी महीने प्रदेश के एक दर्जन से ज्यादा यूआईटी के चेयरमैन के साथ ही बोर्ड और निगमों में सदस्यों के मनोनयन के संकेत मिल रहे है l

कांग्रेस सरकार में शेष रही राजनीतिक नियुक्तियों को पूरा करने की दिशा में काम शुरू हो गया है। इसी महीने प्रदेश के एक दर्जन से ज्यादा यूआईटी के चेयरमैन के साथ ही बोर्ड और निगमों में सदस्यों के मनोनयन के संकेत मिल रहे हैं। पार्टी के जानकारों ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बोर्ड—निगमों में करीब सौ सदस्यों और नगर न्यास में चेयरमैन पदों पर नियुक्तियों की सूची को हाईकमान से मंजूरी प्रदान कराने के लिए एक्सरसाइज शुरू कर दी हैं और जल्द ही इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इसके बाद इस सूची को कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अजय माकन को भेज दिया जाएगा। माकन इसे हाईकमान से मंजूरी दिलाएंगे और फिर सूची को जारी कर दिया जाएगा। राजस्थान में प्रदेश बोर्ड निगमों में सदस्यों तथा एक दर्जन से अधिक नगर विकास न्यासों में चेयरमैन पद पर मनोनयन बाकी है।

माकन की शुक्रवार को मुख्यमंत्री गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से लम्बित नियुक्तियों पर चर्चा होने की बात सामने आई है। इसके बाद ही एक बोर्ड के चेयरमैन ने भी माकन से जयपुर में मुलाकात की थी। गौरतलब है कि माकन काफी दिनों बाद गुरुवार देर रात जयपुर आए थे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ माकन शुक्रवार को उदयपुर, रतनपुर बॉर्डर पर आजादी गौरव यात्रा में साथ गए।

राजनीतिक नियुक्तियों में परिवारवाद की छाया नजर आ सकती है। कई नेता और विधायकों के रिश्तेदार इस कतार में हैं। उदयपुर यूआईटी में एक वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री के रिश्तेदार का नाम सबसे आगे चल रहा है। यह नेत्री अपने रिश्तेदार को चेयरमैन बनाने के लिए दिल्ली तक लॉबिंग कर रही हैं। कई विधायक भी अपने रिश्तेदारों और नजदीकियों के लिए लॉबिंग कर रहे हैं।

– राजस्थान से राजूचारण

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