हनुमान जयंती पर निकली शोभायात्रा, श्रीराम व हनुमान के गीतों पर थिरके श्रद्धालु

बरेली। हनुमान जयंती पर सड़कों पर राम भक्तों का अनोखा अंदाज दिखा। सड़क पर निकले भगवा उत्साह के बीच राम भक्त गीतों पर थिरकने लगे। हाथों में भगवा ध्वज। मुख पर जय श्री राम का नारा। गाजे – बाजे के साथ जब थिरकते हुए राम भक्त सड़कों पर निकले तो लोग देखते रह गए। हनुमान जयंती पर यह नजारा नाथ नगरी यानि बरेली की सड़कों पर दिखा। बरेली की सड़कों पर उमड़े इस भगवा उत्साह को महिला भक्तों ने थिरक कर दुगुना कर दिया। हर किसी के चेहरे पर उत्साह का भाव साफ नजर आया। बही राष्ट्रीय हनुमान दल के सभी कार्यकर्ताओं ने शहर में जिलाध्यक्ष देवदत्त शर्मा के आवास पर खूब धूमधाम से हनुमान जन्मोत्सव के कार्यक्रम का आयोजन किया। ये कार्यक्रम दो दिवसीय था। इस कार्यक्रम में सुंदर-सुंदर झाकियां निकाली गई। सुबह को हनुमान चालीसा का भी जाप किया गया। आपको बता दें कि इस दो दिवसीय कार्यक्रम को देखने के लिए लोगों का मजमा लगा रहा। इस कार्यक्रम मे दल की महिला मोर्चा अध्यक्ष आरती तिवारी, महानगर अध्यक्ष दीपक पाठक, जिला कोषााध्यक्ष संजीव कश्यप के साथ कई पद अधिकारी मौजूद रहे। राष्ट्रीय हनुमान दल के जिलाध्यक्ष देवदत्त शर्मा का कहना है कि हमारा दल सभी प्रकार के पर्वों को इसी तरह मनाता है और लोगों का भी हर कार्यक्रम में इसी तरह मजमा लग जाता है। हनुमान जन्मोत्सव एक हिन्दू पर्व है। यह चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था ऐसा माना जाता है। हनुमान जी को कलयुग में सबसे प्रभावशाली देवताओं में से एक माना जाता है। हनुमान जयन्ती पर लोग मन्दिरों में हनुमान जी के दर्शन हेतु जाते हैं। कुछ लोग व्रत भी रखते हैं और बड़ी उत्सुकता और जोश के साथ समर्पित होकर हनुमान जी की पूजा करते हैं। चूंकि यह कहा जाता है कि ये बाल ब्रह्मचारी थे इसलिए इन्हें जनेऊ भी पहनाया जाता है। हनुमानजी की मूर्तियों पर सिन्दूर और चांदी का वर्क चढ़ाने की परम्परा भी है। कहा जाता है राम की लंबी उम्र के लिए एक बार हनुमान जी अपने पूरे शरीर पर सिन्दूर लगा लिया था। इसी कारण हनुमान जी के भक्त उन्हें सिन्दूर चढ़ाते हैं, जिसे चोला कहते हैं। संध्या के समय दक्षिण मुखी हनुमान मूर्ति के सामने शुद्ध होकर मंत्र जाप करने को अत्यन्त महत्त्व दिया जाता है। हनुमान जयन्ती पर रामचरितमानस के सुन्दरकाण्ड पाठ को पढ़ने से भी हनुमान जी प्रसन्न होते हैं। सभी मन्दिरों में इस दिन तुलसीदास कृत रामचरितमानस एवं हनुमान चालीसा का पाठ होता है। जगह-जगह भक्तों द्वारा भण्डारे भी आयोजित किए जाते है।।

बरेली से कपिल यादव

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