बरेली। योगीराज मे काली कमाई करके कम समय मे बेहतहाशा एकत्र की गई संपत्ति के साथ साथ खाते फ्रीज होने के बाद अब लाइसेंसों की जांच के लिए भी प्रशासन से रिपोर्ट मांगने की तैयारी की जा रही है।माफियाओं के नाम से पूर्व में जारी हो चुके लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी की जा रही है। माफियाओं को गुर्गों के माध्यम से जानकारी होने पर सलाखों के पीछे सजा काट रहे बंदियों में खलबली है। उनकी न तो जेल के अन्दर कोई सुनवाई हो रही है और न ही जेल के बाहर ही उनकी संपत्ति सुरक्षित रह सकती है। जिस कारण गुर्गे फरीदपुर के औने पौने दाम में संपत्ति बेचने की फिराक मे लगे हुए है। स्मैक तस्करी के लिए जनपद बरेली विख्यात हो गया है। फरीदपुर के पढेरा गांव के पूर्व प्रधान की काली कमाई का साम्राज्य की जड़े जिले से लेकर गैर राज्यो मे भी मजबूत है। पिछली सरकार मे नेताओं की सरपरस्ती मे काली कमाई को चंद महीने मे ही फर्श से लेकर अर्श तक पहुंचने वाले तस्करों को माफिया घाषित होने के बाद उनकी संपत्ति को भी चिंहित कर लिया गया है। 24 तस्करों की संपत्ति पर जल्द बुल्डोजर चलाने के साथ साथ खुद की सुरक्षा के लिए लिए गए हथियार रखने के लाइसेंस भी निरस्त करने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन से रिपोर्ट मांगी जा रही है। पुलिस द्वारा जारी की गई सूची के आधार पर तस्करों पर चौतरफा कार्रवाई की रणनीति तैयार की जा रही है।।
बरेली से कपिल यादव
