हजरत शाह सकलैन एकेडमी ने 40 जोड़ों का कराया निकाह, दूल्हा-दुल्हन को दी दुआएं

बरेली। हजरत शाह सकलैन एकेडमी ऑफ इंडिया ने उर्से सकलैनी के मौके पर गुरुवार को 44 जोड़ों का निकाह कराया है। बिशप मंडल इंटर कॉलेज ग्राउंड इस खुशनुमा पल का गवाह बना। सबने दिल खोलकर दूल्हा-दुल्हन को दुआएं दी। खानकाहे आलिया सकलैनिया शराफतिया के सज्जादानशीन शाह मोहम्मद गाजी मियां ने भी दुल्हन-दूल्हों को खास दुआओं से नवाजा। मुहब्बत और दुआओं से झोली भरकर नव-दंपत्ती जिंदगी के नए सफर पर चल दिए। इससे पहले उलमा ने शादियां आसान बनाने और फिजूलखर्ची से बचने का पैगाम दिया। बिशप मंडल मैदान मेहमानों से खचाखच भर गया। शाम को कुरान की तिलावत के साथ शादी समारोह का आगाज हुआ। निकाह के बाद नमाज अदा की गई। मुफ्ती फहीम अजहरी सकलैनी, प्रोफेसर महमूदउल हसन, मुफ्ती रुम्मान कादरी सकलैनी ने निकाह की फजीलत, पाकीजगी और अहमियत पर रोशनी डाली। उलमा ने कहा कि समाज में बढ़ती बुराइयों और गुमराही का एक बड़ा कारण यह है कि लोग बुजुर्गों की तालीमा और इस्लामी शिक्षाओं से दूर होते जा रहे हैं। हालात ये हैं कि शादियों में नाजायज रस्में, फिजूलखर्ची और गैर-शरई तौर-तरीके का चलन आम हो रहा है। इससे समाज और नई नस्लों पर बुरा असर पड़ रहा। शरीयत के हुक्म के आधार पर शादियां करने की अपील की। संचालन मुख्तार तिलहरी सकलैनी ने किया। हाफिज आमिल सकलैनी, हसीब रौनक सकलैनी, अरबाज सकलैनी और इमरान सकलैनी ने नाते मनकबत का नजराना पेश किया। निकाह में हर जोड़े के साथ 50-50 मेहमान बुलाए गए थे। खाने-पीने की भरपूर व्यवस्था की गई। मेहमानों की खिदमत के लिए 100 वॉलंटियर्स की टीम तैनात रही। एकेडमी देशभर में सामूहिक निकाह समारोह आयोजित करती है। जरूरतमंद परिवार के बच्चों की शादियां कराई जाती है। निकाह समारोह में शहर के कई गणमान्य लोग शामिल हुए। महापौर उमेश गौतम, इंजीनियर अनीस अहमद, सपा जिलाअध्यक्ष शुभलेश यादव, नगर अध्यक्ष शमीम सुलतानी, डॉ. अनीस बेग, डॉ. धर्मेंद्र नाथ, रत्नेश गंगवार, नवाब मुजाहिद हसन, सैफ वली खान और सय्यद गौहर अली आदि रहे। सभी ने सज्जादानशीन हजरात गाजी मियां से मुलाकात की। एकेडमी की पहल को सराहा। दूल्हा-दुल्हनों को दुआएं दी। समारोह में सादकैन मियां, हाफिज गुलाम गौस, मुर्तुजा सकलैनी, मुन्तसिब सकलैनी, मुनीफ सकलैनी, असदक सकलैनी, ज़िया राशिद सकलैनी, मौलाना रिफाकत सकलैनी, मौलाना यूनुस बरकाती, मौलाना जान मोहम्मद सकलैनी, मौलाना नफीस सकलैनी, हाफिज जब्बार सकलैनी, हाफिज जाने आलम सकलैनी और हाफिज तहव्वर सकलैनी आदि मौजूद रहे। इंतजार सकलैनी, मेराज सकलैनी, उस्मान सकलैनी, अकरम सकलैनी, आफताब आलम, खुर्रम सकलैनी, राजा सकलैनी, शावेज़ सकलैनी, सय्यद आमिर, सय्यद राशिद सकलैनी, मुशाहिद सकलैनी, जमील सकलैनी, राशिद सकलैनी, मोहसिन सकलैनी, फैसल सकलैनी, कामिल सकलैनी, फैमी सकलैनी, आरिफ़ सकलैनी और अब्बास सकलैनी आदि ने विशेष योगदान दिया।।

बरेली से कपिल यादव

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