बरेली। भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने बुधवार को उत्तर भारत एरिया के मुख्यालय का दौरा कर सेना की परिचालन तैयारियों और बदलती सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप क्षमता बढ़ाने की पहलों की समीक्षा की। दौरे के दौरान सेना प्रमुख को गठन की वर्तमान परिचालन स्थिति, प्रौद्योगिकी आधारित प्रशिक्षण, स्वदेशी नवाचारों और युद्धक क्षमता को और मजबूत बनाने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। जनरल धीरज सेठ ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि युद्धक तैयारियां, नई तकनीकों को तेजी से अपनाना और आत्मनिर्भरता भविष्य की भारतीय सेना की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना को ऐसा भविष्य के लिए तैयार बल बनाया जा रहा है, जो किसी भी प्रकार के सैन्य अभियान और सुरक्षा चुनौती का प्रभावी तथा निर्णायक ढंग से सामना करने में सक्षम हो। थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ मंगलवार रात बरेली कैंट स्थित सेना मुख्यालय पहुंचे थे। इस दौरान कैंट के कई प्रमुख रास्तों पर नाकाबंदी की गई। सैन्य सूत्रों के मुताबिक, सेना प्रमुख का यह औचक कार्यक्रम था। इस अवधि में कैंट के सेना से संबंधित रास्तों पर सुरक्षा बंदोबस्त काफी पुख्ता कर दिए गए। इसमें पुलिस की भी सहभागिता रही। थानों की पुलिस से लेकर यातायात पुलिस ने भी कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की। सैन्य क्षेत्र में दौरे की सूचना को लेकर दोपहर बाद से ही अलर्ट रहा। चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात रहे और इंटेलिजेंस भी सक्रिय रहा। बताते हैं कि यहां रेंजिमेंट का भ्रमण, सैन्य अफसरों के साथ मीटिंग और विशिष्ट कार्य कर रहे पूर्व सैनिकों से संवाद का कार्यक्रम था। हालांकि, उनके पहुंचने में देरी होने की वजह से दोपहर के कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए थे। एसपी यातायात अकमल खान ने बताया कि वीआईपी मूवमेंट को लेकर सेना ने सहयोग मांगा था। सेना की ओर से बताए गए रूटों पर यातायात पुलिसकर्मियों को लगा दिया गया था।।
बरेली से कपिल यादव
