आंवला, बरेली। इफको यूरिया प्लांट मे ठेकेदार के अंतर्गत पिछले कई वर्षो से कार्य कर रहे मजदूर की मंगलवार को ड्यूटी के दौरान मौत हो गई। इफको प्रबंधन ने हार्टअटैक से मौत होना बताया है। बाद में परिजनों ने फैक्ट्री गेट पर शव रखकर प्रदर्शन किया। एसडीएम, सीओ और ब्लॉकप्रमुख पति के काफी समझाने पर एक परिवार के एक व्यक्ति को दैनिक वेतन पर नौकरी तथा दो लाख रुपये देने पर मामला निपटा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा है। थाना भमोरा क्षेत्र के गांव भरताना निवासी 50 वर्षीय धनपाल करीब एक दशक से इफको मे मेसर्स भगवती एंड कम्पनी के अन्तर्गत मजदूरी करते रहे है। मंगलवार की सुबह लगभग 11 बजे ड्यूटी के दौरान उनकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई। मौत की सूचना पर ही परिवार मे कोहराम मच गया। परिजनों ने धनपाल की मौत को लेकर कई आरोप लगाए। उन्होंने शव इफको संयंत्र गेट पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे इफको प्रबंधन में हड़कम्प मच गया। इफको पीआरओ ने बताया कि धनपाल की मौत हृदय गति के रुकने से हुई है। इफको स्टाफ उनको लेकर अस्पताल भी गया था। प्रदर्शन की सूचना पर इफको मुख्य सुरक्षा अधिकारी मेजर बख्शी मौके पर सुरक्षा कर्मियों के साथ पहुंच गए और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इस बीच सूचना पर एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा, सीओ हेमंत उपाध्याय, आलमपुर जाफराबाद ब्लॉकप्रमुख पति वेद प्रकाश यादव, इफको की डीजीएम पी एडं ए निधि मूर्ति, डिप्टी मैनेजर आनन्द मणी रतूड़ी भी मेनगेट पर पहुंचे। मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने के साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की गई। बाद में तय हुआ कि मृतक के परिवार से एक व्यक्ति को इफको के नियमों के अनुसार दैनिक वेतन पर नौकरी दी जाएगी, जो कॉन्ट्रैक्टर बदलने के बाद भी सुचारु बनी रहेगी। साथ पीड़ित परिवार को दो लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।।
बरेली से कपिल यादव
