बरेली। सीएमओ कार्यालय मे तैनात वरिष्ठ लिपिक व अफसरों के बीच छिड़ी जंग तेज होती जा रही है। करीब डेढ़ माह पहले जब लिपिक पर गलत तरीके से प्राेन्नति पाने का आरोप लगा तो एडी हेल्थ ने लिपिक की नियुक्ति संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने का आदेश जिला प्रशासनिक अधिकारी को दिए थे लेकिन तमाम कोशिश के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी एडी हेल्थ को दस्तावेज उपलब्ध नही करा पाए। फिलहाल निदेशक प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। उधर एक ठेकेदार लिपिक को बचाने के लिए पैरवी मे जुटा है। सीएमओ कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक राजीव कमल का एक और वरिष्ठता नंबर वायरल हो रहा है। बीते 10 दिनों में राजीव कमल का तीसरा वरिष्ठता नंबर सामने आया है। उनकी निजी पत्रावलियां अब तक बदायूं मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से नही मिली है। वही एडी आफिस में चल रही जांच अचानक सुस्त पड़ गई है। इसको लेकर कई सवाल उठने लगे है। चर्चा है कि गाड़ियों के एक ठेकेदार ने मामला निपटाने के लिए अफसर के चक्कर काटने शुरू कर दिए हैं। मामले की जांच एडी हेल्थ डा. दीपक ओहरी कर रहे हैं। शुरूआत मे जांच की रफ्तार काफी तेज थी। एडी हेल्थ ने सप्ताह भर में राजीव कमल को दो बार नोटिस जारी किए थे लेकिन अचानक से अब जांच ठहर सी गई है। अधिकारी उन कर्मचारियों पर भी मेहरबान है। जिन्होंने स्थापना पटल से राजीव कमल की फाइल गायब कर दी है। उनके खिलाफ रिपोर्ट और न ही विभागीय कार्रवाई की गई। राजीव कमल के प्रमोशन पत्र मे उनका वरिष्ठता नंबर 1964 लिखा है जबकि वायरल हुई प्रदेश की एक सूची मे उनका नंबर 2716 है। चौंकाने वाली बात है कि अब एक और सूची जारी हुई है जिसमें उनका वरिष्ठता क्रमांक 2720 लिखा है। इस पूरे प्रकरण में एडी हेल्थ का कहना है कि जांच चल रही है।।
बरेली से कपिल यादव
