निर्वाचन आयोग ने मीडिया और संचार अधिकारियों का एक दिवसीय सम्मेलन किया आयोजित

राजस्थान/ बाड़मेर-  निर्वाचन आयोग ने मीडिया और संचार अधिकारियों के तीसरे एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया। राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के विभिन्न जिलों से मीडिया नोडल अधिकारियों और सोशल मीडिया नोडल अधिकारियों तथा राज्य जनसंपर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस सम्मेलन में भाग लिया। सम्मेलन में एक दर्जन राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग दो सौ मीडिया एवं संचार अधिकारी सहित मीडिया नोडल अधिकारी और सोशल मीडिया नोडल अधिकारी, जिला मीडिया नोडल अधिकारी एवं जिला जनसम्पर्क अधिकारी और संबंधित राज्य जनसंपर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने सम्मेलन में प्रतिभागियों को संबोधित किया। ज्ञानेश कुमार ने इस बात पर बल दिया कि आयोग की प्रत्येक कार्रवाई भारत के संविधान, चुनावी कानूनों और समय-समय पर जारी किए गए लिखित निर्देशों के आधार पर पारदर्शी तरीके से की जाती है। सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही झूठी खबरों के संबंध में अधिकारियों को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि अधिकारियों को गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने हाल में सम्पन्न विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि इनमें अब तक सबसे अधिक हुए मतदान प्रमाण है कि भारतीय मतदाताओं को देश की चुनावी प्रणाली पर कितना भरोसा है।

चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के डिजिटल युग में, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डीपफेक, भ्रामक जानकारी फैलाने के इरादे से बनाई गई कृत्रिम सामग्री और दुर्भावनापूर्ण सामग्री भी संस्थानों में विश्वास को कम करने के उद्देश्य से प्रेरित होकर फैलाई जा रही है। उन्होंने मीडिया एवं संचार अधिकारियों से आयोग के नियमों, निर्देशों और दिशा- निर्देशों के आधार पर ऐसे प्रयासों से निपटने को कहा। सम्मेलन का आरंभ चुनाव चक्र के दौरान संचार रणनीतियों के व्यापक अवलोकन के साथ हुआ, जिसमें मतदाता सूची से लेकर मतदान तक, ईसीआईएनईटी, महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधान, मीडिया मामलों से संबंधित कानून शामिल रहें।

प्रेस नोट तैयार करने और उन्हें मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित करने, गलत सूचनाओं और मिथकों से निपटने, निर्वाचन साक्षरता क्लब-ईएलसी के माध्यम से युवा मतदाताओं को शामिल करने और निर्वाचन आयोग की पहल लोगों तक पहुंचाने पर व्यावहारिक सत्र भी आयोजित किए गए। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को समूहों में मतदाता सूची तैयार करने, मतदान प्रक्रिया और मतगणना प्रक्रिया प्रदर्शित की गई, जिसके बाद उन्हें प्रदर्शनी और मीडिया कॉर्नर का निर्देशित भ्रमण कराया गया।इन सत्रों के उपरांत सभी प्रतिभागियों और आयोग के बीच प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किए गए।

— राजस्थान से राजूचारण

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