आगरा/जगनेर- आगरा जनपद के कस्बा जगनेर में नकली ब्रांडेड घी के निर्माण एवं उसे बाजार में खपाने के कथित संगठित नेटवर्क का मामला सामने आने से खाद्य कारोबार क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। प्रतिष्ठित खाद्य उत्पाद निर्माता तपन एग्रो इंडस्ट्रीज प्रा. लि. ने अपने पंजीकृत ब्रांड की नकल कर निम्न गुणवत्ता का घी बेचे जाने का आरोप लगाते हुए थाना जगनेर में तहरीर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच प्रारंभ कर दी है।
कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि वन्देश्वर पाराशर द्वारा पुलिस कमिश्नरेट आगरा एवं थाना जगनेर को दिए गए प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया गया है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा “दीप खाइस” नाम से ऐसा घी तैयार किया जा रहा है, जिसकी पैकेजिंग, डिजाइन एवं ब्रांड पहचान कंपनी के पंजीकृत उत्पाद से मिलती-जुलती है। आरोप है कि उपभोक्ताओं को भ्रमित कर इस कथित नकली उत्पाद की बड़े पैमाने पर बिक्री की जा रही है।
तपन एग्रो इंडस्ट्रीज ने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी बताया है कि कंपनी वर्षों से खाद्य एवं पूजा सामग्री में उपयोग होने वाले उत्पादों का निर्माण कर रही है तथा उसके ब्रांड को बाजार में व्यापक पहचान प्राप्त है। कंपनी का दावा है कि उसके ट्रेडमार्क एवं पैकेजिंग की नकल कर समान प्रकार के डिब्बों में घी बेचा जा रहा है, जिससे उपभोक्ता असली और नकली उत्पाद में अंतर करने में असमर्थ हैं।
शिकायत में यह भी आशंका व्यक्त की गई है कि कथित नकली घी के निर्माण में पाम ऑयल एवं अन्य सस्ती सामग्री का उपयोग किया जा सकता है। यदि यह आरोप सत्य पाया जाता है, तो यह मामला केवल ट्रेडमार्क उल्लंघन तक सीमित न रहकर खाद्य सुरक्षा एवं जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर अपराध माना जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, ACP खेरागढ़ के निर्देशन में थाना जगनेर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस संबंधित गोदामों, वितरण केंद्रों एवं बिक्री स्थलों की जानकारी एकत्र कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित नकली उत्पाद किन क्षेत्रों में सप्लाई किया जा रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
कंपनी ने मांग की है कि दोषियों के विरुद्ध ट्रेडमार्क अधिनियम, कॉपीराइट अधिनियम, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम तथा अन्य संबंधित धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही बाजार में उपलब्ध संदिग्ध घी के नमूनों की जांच कर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है।
इस प्रकरण के सामने आने के बाद स्थानीय व्यापारिक एवं खाद्य बाजारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। उपभोक्ताओं में भी यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि बाजार में उपलब्ध ब्रांडेड घी की गुणवत्ता कितनी सुरक्षित है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तहरीर प्राप्त हो चुकी है और जांच के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह मामला आगरा क्षेत्र में नकली खाद्य उत्पादों के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई के रूप में सामने आ सकता है, जिसका प्रभाव आसपास के जिलों तक भी देखने को मिल सकता है।
— आगरा से योगेश पाठक
