बरेली। दरगाह आला हजरत से जुड़े संगठन ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बंगाल में हज कमेटी, अल्पसंख्यक आयोग और मदरसा बोर्ड जैसे विभागों के अध्यक्ष व चेयरमैन की नियुक्ति पर सवाल खड़े किए है। सरकार को घेरते हुए कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुन्नी सूफी बरेलवी मुसलमानों को नजर अंदाज किया है। मौलाना ने उक्त बातें शनिवार को बंगाल के जिला उत्तर दिनाजपुर मे आयोजित नूरी कान्फ्रेंस में अपने भाषण के दौरान कही। मौलाना ने कहा कि हज कमेटी, अल्पसंख्यक आयोग और मदरसा बोर्ड जैसे विभागों में जो अध्यक्ष व चेयरमैन बने है वे कट्टरपंथी विचारधारा से संबंध रखते हैं। देश का हर व्यक्ति और हुकूमतें कट्टरपंथी विचारधारा के खिलाफ है। यह विचारधारा देश को तोड़ने वाली है। मगर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ऐसी विचारधारा के लोगों को बढ़ावा दिया। देश में उन्हें पनपने का मौका दे रही हैं। मौलाना बरेलवी ने आगे कहा कि बंगाल की मुस्लिम आबादी में बहुसंख्यक आबादी बरेलवीयों की है, जो सूफ़ी विचारधारा रखते हैं। हर जिला और हर एक तहसील व ब्लॉक में बरेलवीयों की मस्जिदें व मदरसे स्थापित हैं। इन्होंने बड़ी तादाद में ममता बनर्जी के चेहरे को देखकर वोट दिया है। मगर यह बात समझ से बाहर है कि मुख्यमंत्री कट्टरपंथी विचारधारा रखने वाले लोगों से क्यों घिरी हुई हैं। बंगाल के बरेलवी सूफी उलेमा ने भी मुझसे अपना दर्द बयां किया और शिकायत की है। इस संबंध में विचार-विमर्श कर बहुत जल्द कोई रणनीति बनाई जाएगी और मसले का हल निकाला जाएगा।।
बरेली से कपिल यादव
