चमकी पर 15 मार्च तक के लिए प्रखंड स्तरीय विभागों को भेजे गए माइक्रोप्लान 

  • मास्टर ट्रेनर को दिया गया प्रशिक्षण 
  • प्रत्येक प्रखंड से चमकी के लिए मांगा गया एक कंट्रोल नंबर 

मुजफ्फरपुर/बिहार- चमकी पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तैयारी हर स्तर पर दिखनी शुरु हो चुकी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रखंड स्तरीय शिक्षा, स्वास्थ्य, आईसीडीएस, जीविका और पंचायती राज विभागों को 15 मार्च तक का माइक्रोप्लान भेजा जा चुका है। जिसमें चमकी पर विभिन्न स्तर पर तैयारी और जागरूकता संबंधित स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ सतीश कुमार ने बताया कि इसी क्रम में मंगलवार को सदर अस्पताल स्थित डीआइइसी भवन में प्रखंड स्तरीय बीएचएम, बीसीएम, हेल्थ एजुकेटर, बीएम एंड ई और भीबीडीसी यानी मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण सिविल सर्जन डॉ यूसी शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में रोल के अनुसार उनके कर्तव्य और दायित्वों को विस्तार पूर्वक बताया गया। जिसमें चमकी के लक्षण, लक्षण आने पर क्या करें और क्या न करें के बारे में विस्तार से बताया गया। वहीं मौके पर सिविल सर्जन ने कहा कि प्रत्येक प्रखंड से चमकी के लिए एक कंट्रोल नंबर की मांग की गयी है ताकि तत्काल सहायता पहुंचा जा सके।
 
प्रशिक्षण के बाद आशा और एएनएम को देंगे जानकारी:
 
डॉ सतीश ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद प्रखंड स्तरीय कर्मी अपने क्षेत्र की आशा और एएनएम को चमकी के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। जिसमें चमकी के समय में बरती जाने वाली सावधानियां, चमकी के लक्षण, चमकी के तीन धमकी को उन्हें हमेशा याद दिलाएगें।
 
चमकी के लक्षण: 
-तेज बुखार बना रहना
-मानसिक भटकाव की भावनाएं उत्पन्न होना
-अचानक स्ट्रोक या मिर्गी के रूप में बीमारी उत्पन्न होना
-भ्रम उत्पन्न होना
-जी मिचलाना
-उल्टी होना
-सिरदर्द होना
-चिड़चिड़ापन
-प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता उत्पन्न होना
-गर्दन और पीठ में अकड़न उत्पन्न होना
-बोलने या सुनने से सम्बंधित समस्याएं उत्पन्न होना
-स्मृति हानि 
-उनींदापन 
-गंभीर मामलों में दौरे, लकवा और कोमा, इत्यादि शामिल हैं।

– बिहार से नसीम रब्बानी

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