बाड़मेर /राजस्थान- पंचायतीराज विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों को और मजबूत करने के लिए राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के आहवान पर कलेक्ट्रेट, राजस्व एवं पंजीयन विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इससे पहले कलेक्ट्रेट के कर्मचारियो ने सामूहिक अवकाश का नोटिस जिला कलक्टर लोक बधु यादव को सौंपा था।
कलेक्ट्रेट परिसर में मिले ग्रामीण बुजुर्गों ने अपनी खुन्नस निकालते हुए कहा कि पहले से ही अपनी लेटलतीफी के लिए मशहूर सरकारी बाबू अपनी मागों के लिए हर बार की तरह इस बार भी अपनी वेतन विसंगतियों के कारण हड़ताल पर चले गए हैं इससे नुकसान सरकार को होता है या फिर ना, लेकिन पब्लिक को अपने जरूरी सरकारी दस्तावेजों को बनाने में जरूर होता है। तहसीलदार आफिस में आने वाले लोगों ने बताया कि सरकारी आफिसों के कबूतर भी कितने चालाकी से हड़ताल पर चले जाते हैं कम से कम हड़ताल पर जाने से पहले का कामकाज तो निपटा कर जाते, लेकिन एक बात तो तय है कि महिने के अन्तिम सप्ताह में तनख्वाह बनाने के दौरान हड़ताल पर कभी नहीं जाते हैं क्योंकि उन्हें भी मालूम है कि हमारे घर परिवार कैसे चलेगा।
उच्च अधिकारी जरूर टेबल्स से चिपके हुए बेठे है हर कोई अपने आवश्यक दस्तावेजों को बनाने के लिए अधिकारियों से जी हजूरी करते देखा जा सकता है लेकिन कार्यालयों की आख और कान कहें जाने वाले सरकारी बाबूजी हड़ताल पर बेठे है, इससे सरकारी कार्यालयों का काम काज बाधित होने के साथ सरकारी कार्यालयों में आने वाले हजारों लोगों को कामकाज नहीं होने के कारण बैरंग कागज की तरह वापिस लौटना पड़ा।
मंत्रालयिक कर्मचारी आंदोलन समिति के जिला संयोजक और युवा नेता रमेश कुमार डऊकिया ने बताया कि मंगलवार से कलेक्ट्रेट, राजस्व, पंजीयन एवं अन्य विभागों में कार्यरत मंत्रालयिक कर्मचारी हड़ताल पर चले गए है।
कर्मचारी नेता डऊकिया ने बताया कि बाड़मेर जिले से सैकड़ों मंत्रालयिक कर्मचारी राजधानी जयपुर में शिप्रा पथ मानसरोवर में चल रहे महापड़ाव में शामिल हुए है। पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन बाड़मेर के जिलाध्यक्ष ने बताया कि बाड़मेर जिले में जिला परिषद एवं 21 पंचायत समितियों तथा 689 ग्राम पंचायतों में कार्यरत मंत्रालयिक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे है। इससे सरकारी कार्यालयों में काम काज बाधित होने के साथ विकास कार्याें की गति प्रभावित होने लगी है।
जिला कलक्टर कार्यालय में अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी कैदार शर्मा की अध्यक्षता में मंत्रालयिक कर्मचारियो के महापड़ाव में सक्रिय भागीदारी तथा आगामी रणनीति को लेकर बैठक आयोजित की गई। इस दौरान कलेक्ट्रेट के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी रमेश कुमार डऊकिया को जिला संयोजक,शिक्षा विभाग के दुर्जन सिंह को उप संयोजक, सार्वजनिक निर्माण विभाग से अशोक बेनिवाल, जीपीएफ से जसराज, पंचायतीराज विभाग से चैनाराम, दानसिंह, पुलिस विभाग से गजे सिंह को सदस्य तथा शिक्षा विभाग से रघुवीरसिंह को सहसयोजक नियुक्त किया गया।
क्या है मंत्रालयिक कर्मचारियो की मांगेः
समकक्ष संवर्ग ग्राम सेवक एवं कृषि पर्यवेक्षक की भांति प्रथम पदोन्नति के पद वरिष्ठ सहायक की ग्रेड पे छत्तीस सौ रूपये करने, वर्ष 2013 में किये गये प्रारम्भिक वेतन 9840 को पुनस्थापित कर 7वें वेतन आयोग में तद्नुसार मूल वेतन 25500 निर्धारण सम्बन्धी आदेष जारी करना।
मंत्रालयिक संवर्ग के एन्ट्री स्केल के पद कनिष्ठ सहायक की शैक्षणिक योग्यता राजस्थान विधानसभा की तर्ज पर स्नातक करने एवं स्टेट पेरिटी के आधार पर ग्रेड पे छत्तीस सौ रूपये करने। पंचायती राज संस्थाओं में भी मंत्रालयिक संवर्ग के उच्च पदों की संख्या कैडर के पदों की त्रेपन प्रतिशत करने।
राजस्व विभाग में राजस्व मण्डल के अधीन स्वीकृत अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी की कैण्डर स्ट्रेेन्थ के पच्चीस प्रतिशत के बराबर पद पदोन्नति हेतु आरक्षित है जिसमें किसी प्रकार का छेड़छाड़ नहीं करने।
मंत्रालयिक संवर्ग में अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी के पद को अधीनस्थ सेवाओं में तथा प्रशासनिक अधिकारी एवं संस्थापन अधिकारी के पद को राज्य सेवा के पद घोषित करने एवं इन पदों को सौ प्रतिशत पदोन्नति से भरे जाने का वर्तमान प्रावधान यथावत लागू रखने तथा मंत्रालयिक संवर्ग सें ग्रामीण विकास राज्य सेवा में पदोन्नति का कोटा फिक्स करने की मांग सहित ग्यारह सूत्रीय मांगो को लेकर अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश एवं आंदोलन पर है।
– राजस्थान से राजूचारण
