बरेली। दो हजार से मानदेय बढ़ाकर 26 हजार रुपये प्रतिमाह करने और कर्मचारी का दर्जा देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल में धरना-प्रदर्शन किया। ताहिरा खातून के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें पूरी करने की मांग की।
धरने के दौरान ताहिरा खातून, विनीता मिश्रा, निशा और रेनू शर्मा ने कहा कि आशा कार्यकर्ता लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न कार्यों को जिम्मेदारी के साथ निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय नहीं मिल रहा है। उन्होंने मांग की कि वर्तमान में मिलने वाले दो हजार रुपये के मानदेय को बढ़ाकर 26 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं को कर्मचारी का दर्जा देकर अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य बीमा की सुविधा देने और उनके काम की समय-सीमा निर्धारित करने की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में आने पर ठहरने के लिए एक अलग कमरे की व्यवस्था की जाए, जिससे उन्हें असुविधा का सामना न करना पड़े।
प्रदर्शन कर रही आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे 23 अक्टूबर को लखनऊ के लिए रवाना होंगी। वहां हड़ताल कर धरना-प्रदर्शन के माध्यम से अपनी आवाज उठाएंगी। उन्होंने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान निकालने की अपील की।
धरना में रेनू शर्मा , मंजू , रजनी , रिचा, शिवांगी सक्सेना , मंजू सक्सेना, रश्मि गुप्ता , संगीता यादव, राहीना परवेज , आरती , मीरा शर्मा , आशा देवी , शबाना , शाहीन खान , नेहा , सीमा , जाहिरा बानो, रामा देवी , राजबाला , रेखा रानी , रिचा मिश्रा , रीता मौर्य , भगवान देवी , आयशा , रीना , किरन, ऊषा , मोहिनी , कमला , अर्चना , गीता , नीतू , मिथलेश मौर्य, मिथलेश राठौर, मिथलेश गंगवार , गुड्डी देवी , शशि शर्मा , निशा आदि मौजूद थी।
— बरेली से तकी रज़ा
