बरेली। 14 फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव के बाद 97 प्रत्याशियों का भविष्य मतदान के बाद ईवीएम में कैद हो गया है और दस मार्च को परसाखेड़ा के स्टेट वेयर हाउस मे मतगणना होगी। मतगणना को 772 कर्मचारी अंजाम देंगे। वोटों की गिनती की बारीकियों से रूबरू कराने के लिए 7 और 9 मार्च को मतगणना कर्मियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। जैसे जैसे मतगणना की तारीख नजदीक आ रही है प्रत्याशियों की धड़कनें भी तेज होती जा रही है। प्रत्याशी कई कई बार परसाखेड़ा में एफएसआई गोदाम में बनाए गए स्ट्रांग रूम पर नजर बनाए हुए है। दस मार्च को मतगणना को लेकर पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है। एडीजी से लेकर एसएसपी डीएम सभी अफसर निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से मतगणना कराने को लेकर प्रयासरत है। हर दिन रणनीति तैयार कर अधीनस्थों को दिशा निर्देश देने के साथ ही मतगणना कर्मियों को ट्रेनिंग देने की तैयारी की जा रही है। एक विधानसभा मे तीन टेबल पर पोस्टल बैलेट की गणना होगी। जबकि 14 टेबल पर ईवीएम के वोट गिने जाएंगे। मतगणना की जिम्मेदारी 772 कर्मचारियों को दी गई है। इनमे रिजर्व कर्मचारी भी शामिल हैं। मतगणना कर्मचारियों को ड्यूटी भेज दी गई है। सात मार्च को जीआईसी मे मतगणना कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद मतगणना कर्मचारियों को विधानसभा आवंटित की जाएंगी। नौ मार्च को फाइनल ट्रेनिंग दी जाएगी। 10 मार्च को सुबह सात बजे से मतगणना शुरू हो जाएगी। ईवीएम मे कैद प्रत्याशियों के भाग्य के फैसले का इंतजार कर रहे नेता पदाधिकारियों को होली के पर्व से ज्यादा उत्सुकता मतगणना को लेकर हो रही है। दस मार्च को मतगणना होनी है जबकि 17 मार्च को होली का त्योहार है। प्रत्याशियों का कहना है कि दस मार्च के बाद होली के सरावोर में जमकर जीत की डुबकी लगाई जाएगी। पार्टी प्रत्याशियों का मानना है कि होली के शुभ अवसर से पहले किसको जीत की खुशी मिलेगी तो किसको हार की मायूसी मे होली मनाने पड़ेगी। फिलहाल ये तो दस मार्च को होने वाली मतगणना के बाद ही प्रत्याशियों के भाग्य के फैसले के बाद ही पता चल सकेगा।।
बरेली से कपिल यादव
