बरेली/फतेहगंज पश्चिमी। थाना क्षेत्र के चिटौली गांव में परचून दुकानदार पोशाकी लाल मौर्य के घर बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने करीब 14 घंटे तक तलाशी ली। टीम ने घर से दो मोबाइल फोन और बैंकिंग से जुड़े दस्तावेज जब्त किए। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 17 के तहत पोशाकी लाल का बयान भी दर्ज किया गया। छानबीन देर रात पूरी हुई। गुरुवार को पोशाकी लाल ने प्रार्थना पत्र देकर अपने आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर एसबीआई में फर्जी बैंक खाता खोले जाने और उसमें बड़ी रकम लेनदेन किए जाने का आरोप लगाया है। पोशाकी लाल ने बताया कि ईडी की सात सदस्यीय टीम बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे उनके घर पहुंची थी। उस समय वह घर पर नहीं थे। उनकी पत्नी भूरी ने अधिकारियों को बताया कि पोशाकी लाल सुबह की सैर पर गए हैं। लौटने के बाद ईडी अधिकारियों ने तलाशी आदेश दिखाया और करीब आठ बजे कार्रवाई शुरू की। सहायक निदेशक शरद कांत शर्मा के नेतृत्व में टीम ने घर के कमरों, हॉल, स्टोर समेत पूरे परिसर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान टीम ने एक रियलमी और एक सैमसंग मोबाइल फोन जब्त किया। इसके अलावा बंधन बैंक खाते से संबंधित दो नकद जमा पर्चियां, पैन कार्ड की प्रति और भारतीय स्टेट बैंक के डेबिट कार्ड से जुड़े दस्तावेज भी कब्जे में लिए गए। जमा पर्चियां पांच अगस्त और दो सितंबर 2026 की बताई गई हैं। टीम ने पोशाकी लाल से बैंक खातों और लेनदेन से संबंधित जानकारी भी ली। ईडी की कार्रवाई दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में हुई। इनमें एचडीएफसी बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक प्रियंक सक्सेना और पंजाब नेशनल बैंक की उप प्रबंधक आकांक्षा राणा शामिल थीं। कार्रवाई के दौरान किसी व्यक्ति या निजी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचने की जानकारी दी गई है। पोशाकी लाल ने बताया कि पूछताछ के दौरान ईडी अधिकारियों ने उन्हें घबराने की जरूरत नहीं होने की बात कही। उनके अनुसार, उनके आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर एसबीआई में बैंक खाता खोला गया था। खाते में उनके पैन कार्ड की फोटो का इस्तेमाल किए जाने का भी उन्होंने आरोप लगाया। गुरुवार को दिए प्रार्थना पत्र में पोशाकी लाल ने कहा कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनके नाम से बैंक खाता खोलकर उसमें लेनदेन किया गया। उनका कहना है कि उन्हें इस खाते की जानकारी नहीं थी। पोशाकी लाल के मुताबिक, छानबीन के दौरान ईडी की टीम ने बैंक अधिकारियों को भी बुलाया और खाता खोलने से संबंधित जानकारी ली। हालांकि, कथित फर्जी खाते में कितनी रकम का लेनदेन हुआ और यह मामला किस जांच से जुड़ा है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई। मामले में ईडी की जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।।
बरेली से कपिल यादव
