गुलड़िया, बरसेर, बरेली। ममता और सुरेश के बीच उम्र का काफी अंतर था। होतम सिंह से प्रेम संबंध हुए तो वह उसके साथ रहने के सपने देखने लगी। मगर पति सुरेश इसमें बाधा बन रहा था। कुछ महीने पूर्व होतम ने शादी कर ली लेकिन ममता से उसके संबंध खत्म नही हुए। इसके बाद ममता उस पर और ज्यादा दबाव बनाने लगी। इस पर दोनों ने योजना बनाकर सुरेश को रास्ते से हटा दिया। एसओ विनोद सिंह ने बताया कि ममता और होतम सिंह के बीच तीन साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। वह मृतक सुरेश पाल सिंह के साथ एक-दो बार उसके घर आया और दोनों की आंखें चार हो गई, तभी से एक दूसरे से मिलने लगे। होतम सिंह का घर भले ही दूसरे मोहल्ले मे है लेकिन वह ममता से मिलने अक्सर आता रहता था। दोनों के प्रेम प्रसंग की चर्चा पूरे गांव में थी। इसके चलते अक्सर झगड़ा होता था। घटना के दिन भी पति-पत्नी में झगड़ा हुआ था। सुरेश ममता और होतम के खिलाफ पुलिस में भी शिकायत करना चाहता था। इसके लिए उसने शिकायती पत्र भी लिखा लेकिन वह पत्र पुलिस तक पहुंचता। उससे पहले ही दोनों ने मिलकर उसे ठिकाने लगा दिया। सुरेश के शव की तलाशी के दौरान फटा हुआ यह पत्र पुलिस को उसकी जेब से बरामद हुआ है। होतम सिंह ने ममता को एक दूसरा सिम लेकर दिया था। जिससे दोनों बात करते थे। सुरेश की हत्या के बाद जब होतम भाग गया तो ममता ने बेटे को जगाकर प्रधान के घर सूचना देने को भेजा। इस बीच उसने होतम द्वारा दिया गया सिम तोडकर फेंक दिया। प्रधान ने पुलिस को सूचना दी। यही से ममता शक के घेरे मे आ गई क्योंकि मोबाइल होने पर भी उसने पुलिस को सूचना नही दी और पति से चार फिट दूर दूसरी चारपाई पर लेटने के बावजूद उसने घटना से अनिभज्ञता जताई। पुलिस ने ममता के मोबाइल की जांच कराई तो उसमे मौजूद एक सिम से लगातार होतम से बात होना सामने आया लेकिन वह सिम मोबाइल से गायब था। सख्ती पर ममता ने स्वीकार किया कि उसने वह सिम तोड़कर फेंक दिया जो पुलिस ने बरामद कर लिया है।।
बरेली से कपिल यादव
