नोएडा/ दिल्ली – ज्ञान, जागरूकता और सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हिबा ग्रीन फाउंडेशन ने नोएडा में अपने प्रमुख अभियान ‘प्रज्ञा – बदलाव के लिए ज्ञान’ के अंतर्गत एक पुस्तक वितरण एवं जन-जागरूकता स्टॉल लगाया।
इस पहल का उद्देश्य लोगों तक उपयोगी साहित्य पहुँचाने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण, वीगन जीवनशैली, पशु कल्याण, नैतिक जीवन और सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद को प्रोत्साहित करना था।
स्टॉल पर फाउंडेशन से जुड़ी चार पुस्तकें लोगों के बीच वितरित की गईं जिसमे क्लाइमेट एक्शन इन एवरीडे लाइफ – दैनिक जीवन में जलवायु संरक्षण के उपाय,दूध का रंग सफेद नहीं, लाल है – दुग्ध उद्योग और पशु कल्याण से जुड़े पहलू, गरम रोटी – फाँसी का फंदा – भोजन, जीवनशैली और नैतिकता से जुड़े विचार और व्हाई आर वूमेन किलिंग मेन – लैंगिक समानता और सामाजिक दृष्टिकोण पर विमर्श मुख्य रूप से वितरित हुईं।
इस पहल को लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। कई आगंतुकों ने जलवायु परिवर्तन और टिकाऊ जीवनशैली पर बातचीत में गहरी रुचि दिखाई। कुछ लोगों ने स्वेच्छा से आर्थिक सहयोग देकर फाउंडेशन के सामाजिक एवं पर्यावरणीय कार्यों को समर्थन भी दिया।
इसके अतिरिक्त, लोगों ने फाउंडेशन की अन्य पहलों में भागीदारी की इच्छा जताई। इनमें ‘अरण्य – प्रकृति का पुनर्स्थापन’ के अंतर्गत वृक्षारोपण एवं जैव विविधता संरक्षण और ‘सखी – सशक्त समाज’ के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण एवं सामुदायिक कल्याण के कार्य शामिल हैं।
हिबा ग्रीन फाउंडेशन का मानना है कि किताबें केवल जानकारी का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त साधन हैं। ‘प्रज्ञा’ के माध्यम से संस्था पढ़ने की संस्कृति, आलोचनात्मक चिंतन और जिम्मेदार नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देना चाहती है।
प्रज्ञा – ज्ञान से बदलाव की ओर। पढ़ें, समझें और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
किताबें जीवन का आधार : हिबा ग्रीन फाउंडेशन के प्रज्ञा अभियान को मिला लोगों का समर्थन
