बहेड़ी, बरेली। पहाड़ पर हो रही बारिश और फिर उत्तराखण्ड के गौला और किच्छा बैराज से छोड़े गए पानी से उफ़नाई किच्छा नदी से निकले पानी ने कई गांवों में बाढ़ की स्थिति बना दी है। मेगा फूड पार्क में पानी आ गया है, साथ ही नदी किनारे के गांवों के खेतों में नदी का पानी बहने लगा है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। गोला बैराज से रात 67 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से किच्छा नदी में पानी का स्तर काफी तेजी से बढ़ने लगा था। यह पानी नदी से बाहर निकलकर नौडाण्डी और मुंडिया मुकरर्मपुर गाँवो में पहुंचने लगा। फूड प्लाजा में भी पानी भरने लगा। सुबह तड़के 70 हजार क्यूसेक पानी और छोड़े जाने के बाद किच्छा नदी उफ़नाने लगी। नदी का पानी सिमरा, रजपुरा, हरहरपुर, डुंडा शुमाली और शहर से लगे गौटिया श्यामाचरन गांवो में पहुंच गया। इन गांवों के खेतों में पानी ओवरफ्लो करने लगा। हरहरपुर में मछली के तालाब की मछलियां बाढ़ के पानी के साथ बह गई। तहसील की 10 बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। एसडीएम ने नदी किनारे के गांवों में पानी का और फूड पार्क का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड के गौला बैराज से छूटे पानी से किच्छा नदी का जलस्तर बढ़ गया था। इन गांवों में खेतों मे भरा पानी अब कम होने लगा है। शेरगढ़, किच्छा नदी मे जलस्तर बढ़ने से निकटवर्ती गांव पनबड़िया, अंबरपुर, नगरिया कलां, कमालपुर, लखीमपुर, बरीपुरा, कस्बापुर, रजपुरा, बैरमनगर, धर्मपुरा, मीरपुर समेत अन्य निकटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। निचले इलाकों में घुसा पानी : मीरगंज मे रामगंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी के उफान ने तहसील मीरगंज क्षेत्र के निचले इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। सुल्तानपुर, बिहारीपुर, दूनका, भमोरा, सेतावाजलपुर, बसावनपुर, अकसौरा, बफरी बुजुर्ग, करबा शाही, हैदरगंज, मकड़ीखो, फिरोजपुर, जुनहाई और कुल्छा की गोटिया समेत दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। निचले इलाकों के खेतों में पानी भर जाने से धान और गन्ने की फसलें जलमग्न हो गई हैं। कई स्थानों पर नदी के तेज बहाव के साथ कटान भी शुरू हो गया है। हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। कपूरपुर गांव में रामगंगा नदी के लगातार हो रहे कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। नदी का पानी गंगा किनारे स्थित मंदिर के नजदीक बह रहा है, जिससे मंदिर और आसपास की आबादी पर कटान का खतरा बना हुआ है। बुधवार को एसडीएम निधि शुक्ला ने गांव पहुंचकर नदी के जलस्तर और मंदिर की सुरक्षा के लिए चल रहे बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने नदी की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया।।
बरेली से कपिल यादव
