सही और गलत के बीच में पिस्ता हुआ आम आदमी, कृषि भूमि है या आबादी
कृषि भूमि पर चार दशकों से बसी हुई है आबादी, भूमाफिया द्वारा स्टे की आड़ में पूर्व में बनी हुई ग्रेवाल सड़कों पर डामरीकरण नहीं, लेकिन एक दर्जन से ज्यादा स्टे होने के बावजूद खाताधारकों ने बनाई मनमर्जी से कालोनी और मौके पर मोजूद है सैकड़ों आवास
बाड़मेर/राजस्थान- पहले बुजुर्गों से अक्सर सुनने को मिलता था कि खेतों में धान पैदा हुआ करता था लेकिन आजकल बाड़मेर शहर के मूल खसरा नम्बर 1296 में खातेदारों द्वारा नोटों की फसल काटकर आवासीय कालोनी पैदा हो गई है लेकिन खातेदारों की चालाकियाँ से ही सही सरकारी राजस्व रिकॉर्ड के कागज़ पर आज भी वो बाजरा, ग्वार,मूग मौठ की फसलों को ही पैदा करतीं हैं सही क्या है और गलत क्या है इसका फैसला अब कालोनी वासियों ने ऊपर वाले के हाथों सौप दिया है कहते हैं कि इश्वर की लाठी बेआवाज़ होती है कभी न कभी तो हमारी सुनवाई जरूर होगी।
राज्य सरकार द्वारा आमजनता के लिए मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं में आजकल भूमाफियाओं द्वारा जानबूझकर रोड़ा अटका रहे हैं। इससे त्रस्त होकर पटवारी हल्का बाड़मेर शहर में कृषि भूमि के मूल खसरा नम्बर 1296 दानजी की होदी क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने पिछले महिनों जिला कलेक्टर को सौपें ज्ञापन के अनुसार विधायक मेवाराम जैन द्वारा विधायक कोष द्वारा तीन दर्जन सड़को पर दस करोड़ रुपये के आदेश जारी हुआ उसमें एक सड़क दानजी की होदी मुख्य सड़क से सुथार समाज बालिका छात्रावास तक वाया आईटीआई होकर एक किलोमीटर और एक अन्य एक किलोमीटर जोगा राम सुथार के घर तक डामर सड़क स्वीकृत हुईं थी l
भूमाफियाओं ने तीन चार दशकों से कृषि भूमि पर पहले कालोनी काटकर लोगों को बसाकर बाद में उपखंड अधिकारी बाड़मेर से 1998 से लेकर आज तक एक दर्जन से ज्यादा बार स्टे लेकर भी रामलाल सहित अन्य खातेदारों ने लोगों को प्लाट बेचे है, रजिस्ट्रियों को करवाया है, वरदहस्त होने के कारण ही राजस्व रिकॉर्ड देखकर नियमानुसार उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती है और कालोनी के लोगों को स्टाम्प पेपर्स पर प्लांट बेचकर मौके पर आवासीय क्षेत्र विकसित किया लेकिन रजिस्ट्री की लागत ज्यादा आने का डर दिखाकर बोले की खातेदार तो हम ही है और कोई और नहीं, वक्त बदला और खातेदारों ने भी गिरगिट की तरह रग बदला कारण हमारे नाम पर राजस्व रिकॉर्ड में कृषि भूमि दर्ज होने के कारण कालोनी में जमीन कम पड़ रही है और तीस फिट की सड़क को बीस की कर दो ताकि कुछ न कुछ सरकारी मुआवजा या फिर प्लाट वालो से कुछ न कुछ रूपये जरूर मिलेगा।
भूमाफियाओं से थक हारकर कालोनी वालों ने मिलकर जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से शिकायत करने के बाद खातेदार सड़क निर्माण रूकवाने और समझोता करने के लिए जानबूझकर दबाव बना रहे हैं और कहते हैं कि हमारे नाम पर राजस्व रिकॉर्ड में कृषि भूमि दर्ज होने के कारण ये सड़क बहुत जल्दी ही आपको ऊखाड़ कर दिखाएंगे देखें कैसे आपको राज्य सरकार और जिला प्रशासन बाड़मेर द्वारा मूलभूत सुविधाएं कैसे मिलेगी ।
असल बात है ये…..
बाड़मेर जिला कलेक्टर अरूण कुमार पुरोहित द्वारा दिनाँक 29 जुलाई 23 को उपखंड अधिकारी बाड़मेर को तीन दिन में कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए और गठित टीम के अधिकारी तहसीलदार बाड़मेर ओर राजस्व विभाग के सयुंक्त कर्मचारीयों ने मौका रिपोर्ट में भी अकित किया है कि खातेदार रामलाल ने उपखण्ड अधिकारी कृषि भूमी न्यायालय बाड़मेर से यथास्थिति होने के बावजूद भूमाफियाओं से मिलकर कालोनी काटने के साथ ही आम रास्ते की तीस फिट ग्रैवल सड़क पर तीन चार फिट ऊचाई वाली इन्टो की दीवार बनाकर अतिक्रमण किया गया था और उसके दोनों तरफ राज्य सरकार द्वारा बनाई गई ग्रैवल और डामर सड़क मौजूद है। जिला प्रशासन द्वारा गठित टीम की मौका रिपोर्ट अनुसार खसरा सख्या 1296 के तीनों खसरे अब नगर परिषद की सीमा विस्तार करने के साथ ही यह नगर परिषद क्षेत्र के अधीन आता है। सम्पूर्ण खसरे में कृषि भूमि की जगह पर सैकड़ों लोगों के रहवासी आवास और प्लांटों की चार दीवारें बनाकर कालोनी काटी गई है। उक्त खसरे में राज्य सरकार द्वारा जारी सरकारी योजनाओं के अनुसार मूलभूत सुविधाओं से जोड़कर आमजनता को लाभ पहुचाया गया था। राजस्व टीम रिपोर्ट को उच्च अधिकारियों को देगें और जिला कलेक्टर द्वारा दिशा निर्देश जारी करने पर नगर परिषद के आयुक्त और उपखंड अधिकारी बाड़मेर नगर परिषद के अतिक्रमण विरोधी दस्ते द्वारा दो बार मौका जरूर देखा गया है लेकिन अतिक्रमण की दीवार को हटाकर आमजन को राहत कब देगें।
बात करते हैं हम बाड़मेर शहर के राजस्व रिकॉर्ड में रामलाल पुत्र काछबा राम के कृषि भूमि की आड़ में मूल खसरा नम्बर 1296 के बटवारे के साथ ही 3519 /1296 और दो अन्य खसरा दानजी की होदी पर पिछले दो दशकों से एक दर्जन से ज्यादा स्टे होने के कारण मौजूदा अधिकारीयों की शह पर किशनलाल पुत्र रामलाल और अन्य भूमाफियाओं के साथ सैटिंग कर ढाई बीघा जमीन लगभग ढाई तीन करोड़ रुपये में दलालों को इकरार किया गया है लेकिन वो कालोनी क्षेत्र के लोगों को मूलभूत सुविधाएं देने में रोडा अटकाने और विकास में बाधा डालने के कारण ही फैल हो गई और खातेदार ने दो और आवेदन स्टे को लेकर भी लगा दिया है। और इसमें दलालों से कहा गया है कि सबसे ज्यादा गरीब लोगों को विशेषकर साधारण जीवन का जीवनयापन करने वाले लोगों को बरगलाकर लाओ और जल्दी ही हमारे सब प्लांट बिकाओ अन्यथा मिशन कैसे कामयाब होगा।
जिले के अधिकारी अगर निस्पक्ष समाधान चाहें तो ग्रेवाल सड़क पर बनी हुई कच्ची दीवार को गिराकर आमजनता को रास्ता दीजिये अन्यथा उक्त भूमि को बाड़मेर शहर की अन्य कृषि भूमियों पर बुलडोजर चलाकर नगर परिषद का बोर्ड लगाया गया था वैसे ही इमानदारी से सरकारी सुविधाओं के लिए आरक्षित किया जाए अन्यथा फिर कोई गरीब आदमी के साथ खिलवाड़ नही होगा और उसके पास में दर दर भटकाने के साथ ही पुलिस थाने रिको एरिया जाने के अलावा और कोई चारा नहीं होगा। जानकारों ने बताया कि भौले भालै गरीब लोगों को बरगलाने वाले भूमाफियाओं और दलाल गिरोह आजकल पूरे दानजी की होदी क्षेत्र में विशेषरूप से सक्रिय हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी और जिला कलेक्टर बाड़मेर अरूण कुमार पुरोहित और उप जिला निर्वाचन अधिकारी अंजुम ताहिर सम्मा ने इस सम्बन्ध में अधिनस्थ अधिकारियों से वार्ता कर रहे हैं और निस्पक्ष रूप से उचित समन्वय स्थापित कर समाधान करने का विश्वास दिलाया है।
– राजस्थान से वरिष्ठ पत्रकार राजू चारण व जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया रजि. के राष्ट्रीय सलाहकार समिति के सदस्य