सरकार RAS 23 के 19348 स्टुडेंट्स का क्या कसूर जिन्हें नकल गिरोह माफियाओं द्वारा आजकल ट्रेंड और धरना प्रदर्शन……

बाड़मेर /राजस्थान- भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार के मुखिया भजनलाल की नववर्ष में बेरोजगार स्टुडेंट्स के लिए राज्य प्रशासनिक अधिकारियों की परिक्षाओं का समय बढाने के लिए अग्निपरीक्षा राजधानी में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है लेकिन परिक्षाओं में समयानुसार करवाने का टाइम टेबल पहले से ही जारी किया गया था जिसमें दो सप्ताह भी नहीं बचे है अगर परिक्षार्थी धरना स्थल पर मौजूद है तो फिर परिक्षाओं के दौरान लिखेंगे क्या…..

बेरोजगार स्टुडेंट्स ने बताया कि ज्यादातर परिक्षाओं में एक तिहाई या फिर आधे ही परिक्षार्थी परिक्षा देने आतें है जैसे पिछले दिनों की परिक्षाओं में हुआ था वैसे ही राजस्थान प्रशासनिक अधिकारीयों की 2023 परिक्षा में राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा 19348 विधार्थियो को मुख्य परिक्षाओं में बेठने की जगह पर सालों से मेहनत करने वाले लगभग पाच सात हजार विधार्थियो और उतना ही सरकारी नौकरी करने वाले शामिल होगें कुल मिलाकर बारह पन्द्रह हजार से ज्यादा उपस्थिति दर्ज नही होगी और अगर सरकार कोचिंग सेंटरों को चलाने वाले नकल गिरोह माफियाओं के दबाव में परिक्षा का समय बढाते है तो उनकी मेहनत और मनोबल दोनों ही टूट जाएगी और कोचिंग सेंटरों को चलाने के लिए एक और पैकेज जरूर मिल जाएगा कारण लोकसभा चुनावों के दौरान कोई भी परिक्षाएं आयोजित नहीं होगी और 2🐧24 की राजस्थान प्रशासनिक अधिकारियों की आने वाली भर्ती भी अगले साल में होगी।

आजकल नकल गिरोह माफियाओं से परेशान आभिभावक कहते हुए नज़र आ रहें हैं कि केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए वादे बहुत सालों के इंतजार करने के बाद सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षाओं में दिनों-दिन कोचिंग सेंटरों पर कार्यरत सरकारी- निजी विद्यालयों के अध्यापकों और राज्य में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा शायद नक़ल गिरोह माफियाओं से साठ-गांठ करके मौजूदा सरकारी तंत्र की साख दांव पर लगा रहे हैं। नकल गिरोहों से सम्बन्धित जाचं पडताल करने वाले प अधिकारियों ने अपनी साख दांव पर लगा दी है इनकी भी अवैध सम्पतियों को निलाम करने के साथ ही रासुका लगाना चाहिए ताकि नकल माफियाओं की पुनरावृत्ति न हो l

बेरोज़गारी से त्रस्त युवाओं ने बताया कि आजकल परिक्षाओं की गारंटी है लेकिन नक़ल गिरोह नक़ल जरूर करवाएंगे यह बात राजस्थान की नीयति बन गई है । सही मायने में राजस्थान नकल करने का हब बन गया है । कोई ऐसी परीक्षा नही होगी, जिसमे नकल नही होती हो । पिछले साल की परीक्षाओं में बड़े स्तर पर नकल हुई और पहले से ही सरकारी तिजोरियों में बन्द पेपर आउट हो गया । ऐसे में परीक्षा कराने का कोई औचित्य नहीं है । नकलची धड़ल्ले से लोट में उतीर्ण हो जाते है और दिन-रात किताबी कीड़ा बनकर मेहनत करने वाले प्रतिभाशाली लोगों को हाथ लगती है सिर्फ और सिर्फ विफलताएं ।

इसके अलावा अधिकांश परीक्षाओं का परिणाम घोषित ही नही होता है जैसे विज्ञप्ति प्रकाशित हुआ ओर आवेदनों की बंपर पैदावार शुरू, परिक्षाओं में भी लेट लतीफी ओर परिणाम तो रामभरोसे है अगर कोई परिणाम आ जाए तो फिर पिछले साल पटवारी परिक्षा चौथे चरण में नार्मलइजेशन के बहाने अपनी अपनी बकरियों को दूध दही पिलाना ।नतीजतन बेरोजगारों को समय पर नौकरियां नही मिल रही है । हर साल लाखों बेरोजगार नौजवान नौकरियों की आशा में आयु सीमा पार कर जाते है ।

राज्य सरकार को नकल प्रूफ परीक्षा आयोजित करने के लिए पहले पुख्ता इंतजाम करने चाहिए और राजनेताओं के दामादों व नौकरशाहों की परिवारजनों को नक़ल गिरोह सरगनाओं से मिलीभगत करने वाले अभ्यर्थियों ओर परिक्षा सेंटरों को भविष्य में बाहर निकालकर सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को जांच-पड़ताल करने के लिए नियुक्त करें अन्यथा परीक्षाओं का स्वांग करने का कोई औचित्य नही है मौजूदा हालात में बेरोजगारों के लिए ।

– राजस्थान से राजूचारण

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