* धोरीमना में दौ सौ से ज्यादा कटाण मार्गों को किया राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज एवं सौ से अधिक किए सरकारी कार्यालयो की भूमि आवटंन
राजस्थान/बाड़मेर- एक उपखण्ड अधिकारी की प्रशासनिक पहल आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है वह व्यक्ति जो जीवन में किसी लक्ष्य या मंजिल तक पहुँचने के लिए निरंतर प्रयत्नशील हो और वह कार्य धरातल पर औरों को दिखाई देना चाहिए।
उपखंड क्षेत्र धोरीमन्ना के उपखण्ड अधिकारी बद्रीनारायण विश्नोई इसकी मिसाल बने हैं। उपखंड क्षेत्र धोरीमना में आजादी के बाद से ही स्थाई चालू रास्ते राजस्व अभिलेख में दर्ज नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा से महरूम होना पड़ता था। पदस्थापन के महज तीन महिने में फील्ड भ्रमण के दौरान एसडीओ विश्नोई ने ग्रामीणों की इन समस्याओं को समझा और समाधान की पहल की।
एसडीओ विश्नोई ने बताया कि सरकारी कटाण रास्ते राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होने से ग्रामीणों को मजबूरन कई किलोमीटर लंबा सफर करना पड़ता था, जिससे समय की बर्बादी और अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था । इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई, मरीजों के इलाज, किसान की उपज मंडी तक लाने सहित रोजमर्रा का जीवन प्रभावित होता है।
शिविरों के दौरान सामने आया कि कई मामलों में किसानों द्वारा अपनी खातेदारी भूमि के समर्पण के बाद भी किस्म गैर मुमकिन रास्ता के रूप में सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थी । ग्रामीणों की इस पीड़ा को समझते हुए एसडीओ विश्नोई ने तीन महीने में ऐसे दौ सौ से अधिक सरकारी स्थायी चालू रास्तों को राजस्व अभिलेख में दर्ज करने के आदेश दिए। इसके साथ ही उन्होंने साठ सरकारी विद्यालयों, एक दर्जन पशु उप केन्द्रों, एक दर्जन उच्च जलाशयों, सहकारी समितियों, सार्वजनिक श्मसानों सहित सौ से अधिक मामलों में भूमि आवंटन की कार्रवाई की।
विश्नोई ने बताया कि आमजन की मूलभूत समस्याओ का समाधान करने मे तहसीलदार चन्द्र प्रकाश शर्मा और उनकी टीम द्वारा बहुत सहयोग मिला इससे आम लोगों को बड़े पैमाने पर राहत मिली। एसडीओ विश्नोई की इस पहल का आम जनता में काफी सराहना हो रही है। उनकी पहल विवादों का सुलह से निपटान और संवेदनशील प्रशासन के प्रति आमजन के विश्वास को मजबूत करने की एक बानगी है।
— राजस्थान से राजूचारण
