राफ़िया ने मौलाना शहाबुद्दीन को सलाह देते हुए कहा कि मुसलमानों का ठेकेदार न बने

बरेली- बरेली में मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी के बयान पर जमकर बरसते हुए सब का हक़ ऑर्गेनाइज़ेशन की अध्यक्ष राफ़िया शबनम ने कहा कि आईएमसी अध्यक्ष मौलाना तौकीर रज़ा खां जहां एक और बीजेपी की नीतियों और मस्जिद और मदरसे के खिलाफ चल रही सरकार की नीतियों के घोर विरोधी है और धरना प्रदर्शन करते दिखाई देते हैं

वही पर मौलाना तौकीर रज़ा खां के घराने से तालीम हासिल करने व दरगाह आला हजरत से अपनी पहचान कराने वाले मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी सरकार का पक्ष लेते दिखाई दे रहे हैं

मौलाना मुसलमानों को सलाह दे रहे हैं कि 2024 में प्रधानमंत्री का विरोध ना करें
तो राफ़िया का कहना है कि क्या मौलाना शहाबुद्दीन एनआरसी आंदोलन में 200 से ज्यादा मारे गए लोगों की शहादत भूल गए या किसान आंदोलन में 700 किसानो की शहादत या फिर एनआरसी के समय में जलाई गई मस्जिदों और कुरान से उठने वाले धुओ को वह भूल गए या फिर महरौली में 500 साल पुरानी मस्जिद की शहादत या फिर अभी हल्द्वानी में हुई घटना को या फिर बाबरी मस्जिद या फिर श्री राम का नारा लगाकर मारे गए उन तमाम लोगों की शहादत को भूल चुके हैं या फिर बेटियों के सर से खींचे जाते हुए हिजाब अगर ऐसा है तो मौलाना फौरन बीजेपी ज्वाइन कर ले ताकि वहां रहकर उनकी नीतियों का साथ दे सकें फिलहाल वोट देने का अधिकार सबका अपना है।

हर व्यक्ति का इसलिए कोई भी मुसलमान का ठेकेदार ना बने जो हमारे मुद्दों की हमारे देश के मुद्दों की बात करेगा हमारा वोट उसी को जाना चाहिए अगर मौलाना शहाबुद्दीन बोलना ही चाहते हैं

तो क्यों आपने अभी तक स्कूलों की बात नहीं की मुस्लिम बच्चियों के कॉलेज की बात नहीं की अस्पतालों की बात नहीं कि अपने चैनलों की बात नहीं कि अपने अखबार की बात नहीं की मुस्लिम मुद्दों की बात करें न की राजनीति।

– बरेली से तकी रज़ा

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