बाड़मेर/राजस्थान- राज्य में आम लोगों को अब थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेगा, आमजन को सुरक्षित माहौल और राहत देने के लिए राज्य स्तर पर पुलिस प्रशासन की ओर से एक नयी शुरुआत की गयी है l पुलिसकर्मी आपके द्वार एक नयी सोच के साथ राजस्थान पुलिस ने मोबाइल इन्वेस्टिगेशन यूनिट की शुरुआत की है और इसके जरिए अब दूरदराज के गावों में भी पुलिस जल्द आधुनिक संसाधनों के साथ मौके पर पहुंचकर अनुसंधान शुरू कर सकेगी जिसके जरिए अनुसंधान में तेजी आएगी और प्रदेशवासियों को त्वरित न्याय मिल पाएगा l
राजधानी से एडीजी पुलिस प्लानिंग और आधुनिकीकरण गोविंद गुप्ता ने बताया कि देश में पहली बार राजस्थान में मोबाइल इन्वेस्टिगेशन यूनिट की शुरुआत की जा रही है l इसके शुरुआत के साथ ही अब राज्य के थानों पर अपराध की सूचना मिलते ही थानाधिकारी मय जाब्ते के तुरंत एमआईयू लेकर मौके के लिए रवाना हो जाएंगे. अब से पहले जब पुलिस मौके पर जाती थी तो वहां पर अनुसंधान के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं मिल पाते थे और अनुसंधान में समय अधिक लगता था, लेकिन एमआईयू के साथ होने से जघन्य अपराध की मौके पर ही तुरंत जांच करने में पुलिस को सहायता मिलेगी l
गुप्ता ने बताया कि कई बार परिवादी की ओर से समय पर थाने पर बयान देने के लिए नहीं आने पर विलंब होता था, लेकिन इसके जरिए मौके पर ही बयान दर्ज किए जा सकेंगे, साक्ष्य जमा करने में आसानी होगी ओर किसी भी अपराध के समय लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बिगड़ती है तो थानाप्रभारी उसको संभाल सकते है वहीं, एएसआई और एसआई भी अब अनुसंधान कर पाएंगे l
गुप्ता ने बताया कि इस वैन में मोबाइल इंवेस्टिगेशन यूनिट बॉडी वार्न कैमरा, डिजिटल कैमरा, विडियो कैमरा, फर्स्ट एड बॉक्स, इन्वेस्टिगेशन किट, लैपटॉप, प्रिंटर, सैक्सूअल असॉल्ट एविडेन्स किट, फिंगर प्रिंट किट, फुट एंड टायर कास्टिंग, टॉवर लाइट, नारकोटिक्स डिडेक्शन कीट, डीएनए सैम्पल और ड्रैगन लाइट सहित आधुनिक संसाधनों से युक्त होगी l
मोबाइल इन्वेस्टिगेशन यूनिट के जरिये मौके पर लिए गए बयान और बातचीत की ऑडियो वीडियों रिकॉर्डिंग भी हो सकेगी. साथ ही इससे ये भी फायदा होगा कि जांच अधिकारी को मौके पर अनुसंधान करने और बयान लेने के लिए एक जगह मिल सकेगी, जिससे पुलिसकर्मियों पर किसी तरह के आरोप प्रत्यारोप नहीं लग सकेंगे,इससे जांच में पारदर्शिता आ सकेगी. फर्स्ट एड किट के जरिए घायल को एंबुलेंस के आने से पहले ही प्राथमिक उपचार दिया जा सकेगा. सेक्सुअल असॉल्ट एविडेन्स किट के जरिए दुष्कर्म जैसे मामलों में मौके पर ही जांच की जाकर पीड़िता को जल्दी न्याय दिलाने में पुलिस सफल होगी. फिंगर प्रिंट किट और फुट एंड टायर कास्टिंग के जरिए पुलिस अपने स्तर पर मौके पर मजबूत साक्ष्य जमा कर सकेगी l
पुलिस आधुनिकीकरण योजना साल 2021-22 में मोबाइल इन्वेस्टिगेशन यूनिट के लिए करीब 10 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के बाद 71 MIU वैन पुलिस मिल चुकी हैl फिलहाल प्रायोगित तौर पर दूरदराज के थानों को MIU वैन दी जा रही है. योजना का सफल फिडबैक आने पर राजस्थान के सभी थानों में इसी तरह की मोबाइल इन्वेस्टिगेशन यूनिट दी जायेगी जिससे प्रदेशवासियों को थाने के चक्कर नही लगाने पड़ेंगे l
पुलिस अधीक्षक बाड़मेर दीपक भार्गव ने बताया कि आधुनिकता की दौड़ में इस तरह की सुविधा बहुत ज्यादा आवश्यक थी ओर मुख्यालय द्वारा दूरस्थ इलाकों के पुलिस थाने और चौकियों को ध्यान में रखकर बेहतरीन शुरुआत किया है और आगे भी जरूरत के अनुसार बेहतरीन सुधार होने चाहिए l
– राजस्थान से राजूचारण
