रंगभरी एकादशी पर महिलाओं ने की आंवले के वृक्ष की पूजा

बरेली। होली से पांच दिन पूर्व रंगभरी एकादशी का पर्व महिलाओं ने बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया। बुधवार को सुबह से ही महिलाएं टोलियों में भजन गीत गाकर आंवले के वृक्ष की पूजा करती हुई दिखाई दी। रामपुर बाग स्थित आनन्द आश्रम सहित विभिन्न स्थानों पर स्थाना आंवले के वृक्ष पर महिलाओं ने सिंदूर, कलावा, बेर, रोली लगाकर ओर दीप प्रज्जवलित कर परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। आनन्द आश्रम के मुख्य पुजारी ने बताया कि हिंदू धर्म के देवी देवताओं के अलावा कई जीव-जन्तू, पेड पौधों की भी पूजा की जाती है। उसी के तहत प्रकृति को स्वास्थ्य के लिए अच्छा मानकर महिलाएं आंवला वृक्ष की पूजा करती है। मौसम में बदलाव के बीच स्वस्थ रहने के लिए इसकी पूजा की जाती है। हमारे यहां पीपल, आंवला और नीम की पूजा करते है। इसके साथ ही ईश्वर का स्मरण हो जाता है।
होली में रंगा बचपन, एक दूसरे को जमकर लगाया अबीर गुलाल
बुधवार को रंगभरी एकादशी पर कई मोहल्लों में स्कूली बच्चों ने होली की धूम मचाई, जिसके चलते सुबह से ही बच्चों ने पिचकारियों से रंग की बौछार शुरू कर दी। बच्चों की टोली देखकर राहगीर रंग से बचने के लिए नए रास्ते तलाशते रहे। एकादशी के मौके पर कालीबाड़ी, सिकलापुर, गंगापुर, नेकपुर, बिहारीपुर सहित कई क्षेत्रों में बच्चों ने सुबह से ही टोली बनाकर राहगीरों पर पिचकारियों से रंगों की बौछार करनी शुरू कर दी। स्कूल में छुट्टी के बाद एक दूसरे को जमकर रंग लगाया। बच्चे अपनी पानी की बोतलों में रंग भरकर लाये थे और अपने दोस्तों को जमकर रंग लगाया।।

बरेली से कपिल यादव

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