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मार्च में 632 नए यक्ष्मा रोगियों की हुई खोज

  • जिले में 90 प्रतिशत यक्ष्मा मरीजों का सक्सेस रेट
  • प्रत्येक माह के 16 तारीख को निक्षय दिवस मनाने की सलाह

सीतामढ़ी/बिहार- राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत 24 मार्च से 16 अप्रैल तक चल रहे सघन यक्ष्मा जागरूकता एवं खोज अभियान कार्यक्रम का हाल जानने जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ मुकेश कुमार विभिन्न स्वास्थ्य केंद्र का मुआयना किया। मुआयना के क्रम में पीएचसी परसौनी में चल रहे अभियान के दौरान मात्र दो नए मरीजों की खोज पर नाराजगी व्यक्त की। मालूम हो कि जिले में मार्च महीने में 508 के लक्ष्य के विरूद्ध जिले ने 632 नए टीबी रोगियों की खोज की है। जो लक्ष्य का 124 प्रतिशत है। सीडीओ डॉ मुकेश ने परसौनी के स्वास्थ्य कर्मियों को सीएचओ की सहायता से विगत पांच वर्षों के यक्ष्मा मरीजों से पुन: संपर्क साध एक अभियान की तरह फिर से स्क्रीनिंग करने को कहा। वहीं अपने मुआयने के क्रम में अनुमंडलीय अस्पताल बेलसंड पहुंचकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य प्रबंधक, एसटीएस एवं लैब टेक्नीशियन के साथ वार्ता कर नए रोगियों की खोज में वृद्धि किए जाने हेतु निर्देश दिया गया। हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर चंदौली में जाकर सीएचओ से मिलकर सघन यक्ष्मा जागरूकता एवं खोज अभियान की समीक्षा की गई एवं प्रत्येक माह की 16 तारीख को हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर पर निक्षय दिवस मनाने हेतु आवश्यक निर्देश दिया गया। डीईओ सह लेखापाल रंजन शरण द्वारा बताया गया कि वर्तमान में राज्य स्तर से ट्रूनेट चिप की आपूर्ति नहीं होने के कारण नए रोगियों की खोज में परेशानी हो रही है। ट्रूनेट चिप की आपूर्ति उपरांत यह संख्या और भी बढ़ सकती है। जिले में यक्ष्मा रोग से ठीक होने वाले मरीज का सक्सेस रेट 90% के करीब है। जिला यक्ष्मा पदाधिकारी सीतामढ़ी के नेतृत्व में उपलब्ध संसाधन एवं मानव बल द्वारा यक्ष्मा मरीजों हेतु बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। यक्ष्मा मरीजों से अपील किया गया कि जांच एवं इलाज के क्रम में किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर अपने प्रखंड के वरीय यक्ष्मा पर्यवेक्षक से संपर्क स्थापित करें।

– बिहार से नसीम रब्बानी

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