भजनलाल सरकार का दमदार फैसला:अब फरमाइशों पर रहेगी रोक बाड़मेर के लिए भी होगा फॉर्मूला तय

बाड़मेर / राजस्थान – राज्य में विभिन्न सरकारों में अब तक मंत्रियों की पसंद के ही विशिष्ट सहायक लगते आए हैं। लेकिन, पहली बार राज्य की भजनलाल सरकार ने फॉर्मूला तय किया है कि मंत्रियों की पसंद के आरएएस अधिकारीयों को नहीं लगाएंगे। राज्य में विभिन्न सरकारों में अब तक मंत्रियों की पसंद के ही विशिष्ट सहायक लगते आए हैं। लेकिन, पहली बार राज्य की भजनलाल सरकार ने फॉर्मूला तय किया है कि मंत्रियों की पसंद के आरएएस अधिकारी (विशिष्ट सहायक) नहीं लगाए जाएंगे। इसके साथ ही जिस जाति का मंत्री है, उस जाति का विशिष्ट सहायक का फार्मूला नहीं लगाया जाएगा। यह फार्मूला तीन दिन पहले सात मंत्रियों के लगाए गए विशिष्ट सहायकों की सूची में राज्य की जनता जनार्दन को देखने को मिला। दोनों उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा के उन्हीं की जाति और पसंद के शुरुआती दौर में लगाए गए विशिष्ट सहायकों को भी बदल दिया गया है। अब चर्चा है कि सरकार के इस निर्णय से मंत्रियों में अंदरखाने कुछ नाराजगी भी है। दरअसल, मंत्रियों के विशिष्ट सहायक लगाने को लेकर एक हजार से अधिक आरएएस अधिकारियों में से सिर्फ साठ का राज्य सरकार ने चयन किया है, जिनमें से विशिष्ट सहायक लगाए जाएंगे। अभी सौलह मंत्रियों के और विशिष्ट सहायक लगाए जाने हैं।

सूत्रों के मुताबिक मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद से ही सरकार मंत्रियों के यहां विशिष्ट सहायक लगाने को लेकर तैयारी में जुट गई थी। इस मंथन और तैयारी में मंत्रियों के विशिष्ट सहायक लगाने को लेकर करीब पाच दर्जन आरएएस अधिकारियों के नाम छांटना बताया जा रहा है। इन पाच दर्जन आरएएस का गत पांच वर्ष से अधिक समय का सर्विस रेकॉर्ड और कामकाज के प्रति कार्यशैली देखी गई है। इनमें से अब तक तीन चार दर्जन अधिकारियों की सूची तैयारी की जा चुकी है। इन चालीस में से केवल सात को सरकार दो उपमुख्यमंत्री और पांच मंत्रियों के यहां विशिष्ट सहायक नियुक्त कर चुकी है।

मुख्यमंत्री के साथ ही दोनों उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा ने शपथ ली थी। ऐसे में शुरुआती दौर में दोनों की पसंद के विशिष्ट सहायक लगा दिए गए थे। दिया कुमारी के यहां गोपाल सिंह और प्रेम चंद बैरवा के यहां सावन कुमार चायल को विशिष्ट सहायक लगाया गया था। मंत्रियों की शपथ होने के बाद विशिष्ट सहायक लगाने को लेकर नया फाॅर्मूला तय किया गया है। इसके तहत दोनों उप मुख्यमंत्रियों के विशिष्ट सहायकों को हटाकर नए विशिष्ट सहायक लगाए गए हैं। लेकिन, दोनों ही उप मुख्यमंत्रियों के अभी पुराने ही अधिकारी विशिष्ट सहायक का कामकाज देख रहे हैं। सरकार ने नए फार्मूले के आधार पर ही कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, किरोड़ीलाल मीना, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, कन्हैयालाल चौधरी, हीरालाल नागर के यहां विशिष्ट सहायक नियुक्त किए हैं।

– राजस्थान से राजूचारण

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