बिल्डर रमेश गंगवार अरेस्ट, टयूलिप टावर मे मिले 500 करोड़ की टैक्स चोरी के दस्तावेज, मोबाइल जब्त

बरेली। सत्य साई बिल्डर के मालिक व बिल्डर रमेश गंगवार के घर व कार्यालय पर आयकर विभाग की छापेमारी दूसरे दिन भी जारी है। डीडीपुरम स्थित कार्यालय व घर के अलावा नवाबगंज स्थित कोठी मे भी टीम दस्तावेज खंगाल रही है। बिल्डर रमेश गंगवार को इनकम टैक्स की टीम ने आउस अरेस्ट कर लिया है। उनके मोबाइल कब्जे मे लिए गए हैं। रमेश गंगवार और उनके बेटे के बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई है। घर में किसी भी बाहरी की नो एंट्री हो गई है। रमेश गंगवार के पार्टनर प्रापर्टी डीलर सुनील सिंह का नाम भी इनकम टैक्स की टीम ने खोल दिया है। उनसे मिली जानकारी के बाद टीम ने महानगर के पास टयूलिप टावर से तीन गाड़ी प्रापर्टी, बैंक की रजिस्ट्री, एग्रीमेंट और स्टेटमेंट के दस्तावेज बरामद किए है। रमेश गंगवार के घर से मिली डायरी में बीडीए के कुछ पर्चे भी बरामद हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक रमेश गंगवार उत्तराखंड के देहरादून में 100 करोड़ से पार्क और सड़क बनवा रहे थे। 100 करोड़ का काम प्रयागराज में भी मिला हुआ है। इसके अलावा उनके नैनीताल, काशीपुर, देहरादून, लखनऊ, बरेली, नोएडा और दिल्ली में कई फ्लैट होने के दस्तावेज मिले हैं। बीडीए से 200 करोड़ से ज्यादा का काम रमेश गंगवार की फर्म को मिला। रमेश गंगवार ने सभी बड़े काम वेजबाइन कंपनी को सबलेट कर दिए। इसी कंपनी में स्मार्ट सिटी के कांट्रेक्टर और अक्षर विहार के तालाब पर कब्जा करने वाले संदीप उर्फ मोनू झावर और उनके एक सीए (एडवोकेट) पार्टनर का नाम भी सामने आया है। इसके अलावा पीलीभीत के दो बड़े बिल्डर, शहर के सबसे बड़े फोम और गद्दा फैक्ट्री व शोरूम मालिक के भाई और बदायूं रोड से लेकर अयूब खां चौराहे पर कांपलेक्स के मालिक दोनों भाइयों के खिलाफ काफी साक्ष्य इनकम टैक्स की टीम को मिले है। इनकम टैक्स की टीम ने बुधवार आधी रात को टयूलिप टावर में छापा मार दिया। वहां करीब 40 से 50 बोरियों में जमीनों की रजिस्ट्री, एग्रीमेंट के कागज मिले हैं। उनमें शहर के कई बिल्डरों के नाम हैं। इनकम टैक्स की टीम ने सभी की सूची तैयार की है। इसके बाद इनमें से दो बिल्डरों के स्टेडियम रोड स्थित घरों पर छापा मारा। शहर के करीब दस बड़े बिल्डर और प्रापर्टी डीलर अब इनकम टैक्स की जांच के लपेटे में आ गए है। रमेश गंगवार के दो पार्टनर राजेंद्रनगर के भानू गंगवार और बीडीए आफिस के पास रहने वाले सुनील सिंह के जरिए इनकम टैक्स की टीम को ऐसे सबूत मिले हैं। जिनके जरिए टैक्स चोरी कर सरकार को करोड़ों का चूना लगाने वाले बिल्डरों का बचना नामुमकिन है। इनकम टैक्स की टीमों ने डायरी से मिले नाम और मोबाइल नंबर, बीडीए के ठेके सबलेट के पर्चे और हिसाब, बैंक खातों में करोड़ों के लेनदेन से अब तक करीब 500 करोड़ का खाका तैयार किया है। सभी से अपनी प्रापर्टी घोषित करने को कहा जा रहा है। बिल्डरों से घोषित प्रापर्टी पर हिसाब न देने पर 70 प्रतिशत तक टैक्स वसूला जाएगा। इसके अलावा 35 प्रतिशत और जुर्माना लगाया जा सकता है।।

बरेली से कपिल यादव

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