राजस्थान/बाड़मेर- राज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव के तहत जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य पदों के चुनाव को लेकर जिला कलक्ट्रेट सभागार उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवनेश्वर सिंह चौहान की अध्यक्षता में प्रत्याशी प्रबोधन कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जिला स्तरीय प्रशिक्षकों द्वारा ने पीपीटी के माध्यम से निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। इसमें प्रत्याशियों को नामांकन पत्र भरने, नामांकन पत्रों की जांच, नाम वापसी तथा चुनाव प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों की पालना के संबंध में विस्तार से अवगत कराया गया।
चौहान ने बताया की प्रस्तुतीकरण के माध्यम से नाम निर्देशन प्रक्रिया, नामांकन पत्रों के साथ आवश्यक दस्तावेज, निर्धारित समय-सीमा तथा निर्वाचन से संबंधित विभिन्न प्रपत्रों की जानकारी दी गई। साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों की पालना से अवगत करवाया गया।
कार्यशाला में चौहान ने बताया गया कि नामांकन पत्र सार्वजनिक सूचना के दिन या नामांकन दाखिल करने के लिए निर्धारित अंतिम तिथि तक किसी भी दिन प्रस्तुत किए जा सकते हैं, बशर्ते कि इनमें से कोई भी दिन सार्बजनिक अवकाश न हो। पंचायत सदस्य के चुनाव के लिए उम्मीदवार संबंधित पंचायत समिति के किसी भी निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता होना चाहिए। जिला परिषद सदस्य के चुनाव के लिए उम्मीदवार संबंधित जिला परिषद के किसी भी निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता होना चाहिए। एक मतदाता प्रस्तावक के रूप में एक से अधिक उम्मीदवार को नामांकित नहीं कर सकता है। यदि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग का कोई उम्मीदवार आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र प्रस्तुत करता है, तो उसे कलेक्टर या राज्य सरकार द्वारा अधिकृत किसी अधिकारी द्वारा जारी किया गया इस आशय का प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा। प्रत्येक नामांकन पत्र पर उम्मीददार और प्रस्तावक दोनों के हस्ताक्षर होने चाहिए। प्रस्तावक उम्मीदवार का नामांकन पत्र प्रस्तुत नहीं कर सकता। एक ही प्रस्तावक पर्याप्त है, यदि उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त पार्टी द्वारा स्थापित किया गया हो। अन्य उम्मीदवारों के मामले में (अर्थात इस राज्य में किसी मान्यता प्राप्त पार्टी द्वारा नामांकित नहीं किए गए उम्मीदवारों के मामले में) पाँच प्रस्तावक आवश्यक हैं। प्रस्तावक उसी निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता होना चाहिए। एक प्रस्तावक केवल एक ही उम्मीदवार को नामांकित कर सकता है। यदि किसी मतदाता ने एक से अधिक उम्मीदवारों के नामांकन पर हस्ताक्षर किए हैं, तो पहले नामांकन के अलावा अन्य सभी नामांकन अमान्य घोषित किए जाएंगे।
इस दौरान नामांकन पत्र को भरते समय रखी जाने वाली सावधानियां , अपात्र किये जाने की विशेष परिस्थितियों से भी अवगत करवाया गया। इस दौरान कार्यशाला में राजनैतिक पार्टियों के सदस्य एवं जिला परिषद एवं पंचायत समिति के संभावित सदस्य उपस्थित रहे।
— राजस्थान से राजूचारण
