बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र में रेलगाड़ियों और हवाई सेवाओं के अभाव में ही अटकी भावी सासंद की कुर्सी

राजस्थान/बाड़मेर –  राजस्थान भाजपा नेताओ की आजकल दिल्ली से ज्यादा बाड़मेर जैसलमेर बालोतरा लोकसभा क्षेत्र में नज़र आ रहें है कारण दो सप्ताह बाद ही लोकसभा चुनावों का मतदान होगा इसके लिए भाजपा नेताओं को मताधिकार का प्रयोग करने वाले मतदाताओं ने नाकों चने चबवा दिया है, कारण लम्बी दूरी की रेलगाड़ियों और हवाई सेवाओं का अभाव। बायतु विधायक दावेदारी से पराजित बोतल पार्टी के उम्मीदवार अब काग्रेस पार्टी के सिम्बल पर सासंद बनने के सपने देख रहे हैं लेकिन असन्तुष्ट मतदाताओं को कौन समझाए कि कौन काग्रेस और कौन आर एल पी सब अपने ही नेताओं पर निर्भर करता है चाहे जहाँ तक नज़र दौड़ाओगे। अगर विजय हुईं तो फिर चित और पट दोनों अपनी नहीं तो फिर राजनीति अखाड़े में बहुत कुछ सीखने को मिलेगा ये बात तो तय है। कांग्रेस नेताओं को मालूम है कि डबल इंजन की सरकार बनेगी इसलिए बिल्ली के भाग से टूटे हुए छिके में जो भी आएगा वो बहुत अच्छा लगता है ना आएगा तो कोई पछतावा नहीं होगा।

रेल्वे स्टेशन के बाहर मिले असन्तुष्ट मतदाताओं ने कहा कि लोकसभा चुनावों में मतदाताओं के लिए कभी बाड़मेर से हावड़ा ब्रिज वाया जयपुर और चेन्नई से बाड़मेर स्पेशल रेलगाड़ियों को चला रहे हैं जो आधे घंटे में ही फुल हो जाती है तो फिर अन्य दिनों के लिए हमारे नेताओं को साप क्यों सूघता है। क्या प्रवासी मारवाड़ियो और सरहदों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं में लगे हुए फौजी भाईयों को मताधिकार करने का हक़ नहीं होता है आजकल सालभर में लगभग दो दर्जन से ज्यादा त्यौहार आते हैं और उस दौरान रेल्वे को खाली खजाने को भरने के लिए स्पेशल रेलगाड़ियों को बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र के लिए शुरू कर वाहवाही बटोरने लगते हैं, रेल्वे स्टेशनों पर जाकर झण्डे दिखाई की रस्में, फूलमालाओ से लादकर अपने फोटो अखबारों और सोशलमीडिया पर प्रचारित करते हैं तो फिर अन्य दिनों में बाड़मेर जैसलमेर पिछड़ा हुआ क्यों❓

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित दो चार दर्जन बडे़ बडे़ नेताओं का जमावड़ा अब बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र के गावों की ओर पलायन कर रहे हैं और आजकल बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र में चुनावों को लेकर सभी समाजों के छोटे बड़े नेताओं की बन्द कमरों में बैठक होती रहती है। इस बैठकों में राजस्थान के प्रमुख भाजपा नेताओं की विशेष मौजूदगी रहतीं है। बैठकों में राजस्थान भाजपा के नेताओ को एकजुट होकर लोकसभा चुनावों में काम करने की नसीहत भी दी गई। साथ ही यह निर्देश भी दिए गए कि राज्य की भजन लाल शर्मा सरकार की उपलब्धियां का बखान करें और इसे चुनावों में सफलतापूर्वक आंदोलन के रूप में मंडल स्तर से लेकर बूथ स्तर तक एक एक मतदाताओं तक लेकर जाएं।

सूत्रों के अनुसार राजस्थान के भाजपा नेताओं के साथ हुई बैठक में बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा चुनावों पर फोकस रखा गया और इसी के मदृदेनजर बडे नेताओं कोे स्पष्ट नसीहत दे दी गई कि अब लोकसभा चुनावों में कोई गुटबाजी नहीं करें और लोकसभा चुनावों के भाजपा के लिए एक होकर कामकाम में अभी से जुट जाएं।

मौजूदा मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की सरकार बनने के बाद से ही राज्य में एक दर्जन से ज्यादा बिखरे हुए भाजपाई नेता जैसे टूटे हुए मोतियों को माला को एकसूत्र में पिरोने में भाजपा आलाकमान कितना सफल होगी यह तो आने वाले समय पर निर्भर करता है कि बाड़मेर जैसलमेर और बालोतरा लोकसभा चुनावों में मतदाताओं ने किसे आखों पर रखा l

बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं से सैकड़ों बार जागरूक मतदाताओं द्वारा देश के आखिरी छोर पर स्थित बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की मूलभूत समस्याओं का समाधान करने की कोई बात सरकार के समक्ष उठाई सिर्फ वोट मागने के लिए हर पाच सालों में आ जातें हैं।

बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र में मौजूदा शिव विधायक और निर्दलीय उम्मीदवार का ठप्पा लगाकर जो हबीड़ नेताओं के साम दाम दंड और भेदों से कौसो दूर अपने रेगिस्तानी भाईयों की सैकड़ों समस्याओं के साथ सबसे ज्यादा अभाव लम्बी दूरी की रेलगाड़ियों, हवाई सेवाओं, कहीं पर सड़क नहीं है और अगर सड़क है तो फिर सरकारी रोडवेज बसों का अभाव , बिजली, नहरों का मीठा पानी, शिक्षा से मरहूम, नशे का बढता काला कारोबार, अवैध हथियारों के जरिये युवाओं को अपराध की काली दुनिया में धकेलने वाले माफियाओं, भारत पाकिस्तानी सरहदों पर उजड़े हुए डी एन पी क्षेत्र की बदहाली सहित सैकड़ों मुद्दों को सरहदी जिलों में आने वाले छोटे बड़े नेताओं के सामने अपनी मागे रखते हैं लेकिन भावी मुख्यमंत्री और सासंद बनने के सपनों में खोने वाले नेताओं को शायद भूलने की बिमारियों से ग्रस्त होने चाहिए अन्यथा विश्व पटल पर मशहूर सरहदी जिलों में दुबई अबुधाबी से भी बेहतर सुविधाओं मिलतें देर नही लगती ना लम्बी दूरी की कन्याकुमारी से बाड़मेर वाया कोकेन रेल्वे रेलगाड़ी सहित अन्य रेलगाड़ियाँ मिली और ना ही उत्तरलाई हवाई अड्डे पर हवाई सफर करने के लिए हवाई जहाज की सुविधाएं पिछले कई सालों से चलती हुई मिलती और नेताओं को दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर ना होना पड़ता l

संसार के मानचित्र में अपनी अलग पहचान बना चुके हाईटेक प्रणाली के साधनों से लैस डुबाई आधुनिक अबुधाबी – दुबई की और अग्रसर काले सोने के नाम से राजस्थान के बाड़मेर जिले में कई भूमिगत खनिज पदार्थो के मिलने के बावजूद भी बाड़मेर जिला आज भी विकास के अभाव में शायद घुट घुटकर जी रहा है। थार की धरती को चीरकर निकलने वाले खनिज पदार्थो से केन्द्र और राज्य सरकार के राजस्व कोष को धन लक्ष्मी का धनकुबेर खजाना दोनों हाथों से दिनोदिन बढावा दे रहा है राज्य में केन्द्र सरकार द्वारा बाड़मेर जैसलमेर जिले के विकास के कई लुभाने वाले वादे करने के बाद भी बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा जिला आज भी विकास की महत्वपूर्ण पटरी जैसे देश-भर के अन्य राज्यों के लिए हमारे सरहदी इलाकों की सुरक्षा में तैनात फ़ौजी भाइयों, भारतीय सेना के जवानों और प्रवासी राजस्थानियों के लिए लम्बी दूरी की रेलगाड़ियों ओर हवाई सेवाओं से आज़ भी आजादी के अमृत महोत्सव से कोसों दूर है। पिछले कुछ सालों से जिले में होने वाले किसी भी अपराधों और सडक हादसे में ओछी राजनीति करने वाले लोगों का हुजूम एक दम से मौनी बाबा की तरह मौन क्यों है यह बहुत गभीर बात है दुबई बनने वाले बाड़मेर जिले के लोगों की राजनीति को तराशने से पहले आम आदमी के लिए हवाई जहाज और रेलगाड़ियाँ का ही धरातल पर अभाव क्यों ये सिर्फ अपने मताधिकार का प्रयोग आपके लिए करें इससे ज्यादा कुछ नहीं लगता है❓

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