बरेली। फरीदपुर मे बने टोल प्लाजा पर टैक्स वसूली का जिम्मा इंद्रजीत कलेक्शन कंपनी को दिया गया है। इससे पहले रणछोड़ कंपनी ने आठ लाख का रोजाना नुकसान उठाने के बाद टेंडर सरेंडर कर दिया था। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने टिसुआ और फरीदपुर मे वाहनों का सर्वे कराया था। इस दौरान टिसुआ के पास से वाहनों की आवाजाही कम मिली थी जबकि फरीदपुर के नौगवां के सामने औसतन 20000 वाहनों के आने-जाने का आंकड़ा मिला था। इसी के मुताबिक एनएचएआई ने फरीदपुर के पास नौगवां गांव के सामने टोल प्लाजा का निर्माण कर टोल टैक्स वसूली के टेंडर जारी किए थे। रणछोड़ इंस्टा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने सबसे ऊंची बोली लगाकर 36 लाख रुपये वसूली का लक्ष्य लेकर टेंडर प्राप्त किया। रणछोड़ कंपनी को तीन महीने तक टोल टैक्स वसूलने की जिम्मेदारी दी गई। 12 अप्रैल को सुबह आठ बजे एनएचएआई के परियोजना निदेशक बीपी पाठक ने टोल टैक्स की वसूली का शुभारंभ किया था। प्रतिदिन औसतन 28 लाख की ही वसूली हो रही थी। इस कारण कंपनी को प्रतिदिन आठ लाख का घाटा उठाना पड़ रहा था। लगातार घाटा झेलने के बाद रणछोड़ कंपनी ने अनुबंध सरेंडर कर दिया था। एनएचएआई ने रणछोड़ कंपनी की एक करोड़ की जमानत राशि जब्त कर ली थी। एनएचआई ने टोल टैक्स वसूली के लिए दोबारा टेंडर के आवेदन की सूचना जारी की थी। रणछोड़ कंपनी के अलावा कई अन्य ठेकेदारों ने टेंडर डाले थे। एनएचएआई ने 25 अप्रैल को टेंडर खोले गए थे। सबसे अधिक बोली लगाने के कारण इंद्रजीत कलेक्शन कंपनी को फरीदपुर के टोल प्लाजा की वसूली का काम सौंपा गया था। बुधवार को इंद्रजीत कंस्ट्रक्शन कंपनी ने विधिवत पूजन के बाद टोल टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है।।
बरेली से कपिल यादव
