पीलीभीत से भगवत, बरेली से भाजपा से आईएएस ने भी ठोंका, बदायूं मे दिग्गजों की भरमार

बरेली। सपा ने कद्दावर नेता और बरेली की नवाबगंज सीट से पांच बार के विधायक रहे भगवत सरन गंगवार को पीलीभीत से चुनावी मैदान मे उतार दिया है। पीलीभीत की सियासी जमीन जातिगत आंकड़ों के हिसाब से भगवत सरन गंगवार के लिए काफी उर्वर है। पहले भी बरेली से भानु प्रताप सिंह और हरीश गंगवार पीलीभीत से सांसद रह चुके है। पीलीभीत लोकसभा मे बरेली की बहेड़ी विधानसभा जुड़ती है। इस वजह से भगवत सरन गंगवार का पीलीभीत मे दावा काफी मजबूत माना जा रहा है। वही यूपी के एक आईएएस ने बरेली लोकसभा के टिकट के लिए भाजपा से लामबंदी शुरू कर दी है। भाजपा के शीर्ष नेताओं से आईएएस की मुलाकात हो गई है। भाजपा हाईकमान अगर हरी झंडी देता है तो आईएएस नौकरशाही का चोला उतारकर खद्दर पहनने की तैयारी मे है। आईएएस का बरेली से खास नाता है। बरेली लोकसभा आईएएस की जन्मभूमि है। वही भाजपा के दिग्गज और आठ बार के सांसद संतोष गंगवार के टिकट पर अभी तक पार्टी हाईकमान कोई फैसला नही ले पाया है। संतोष गंगवार कुर्मी बिरादरी समेत बरेली की राजनीति के सर्वमान्य नेता है। सरल, मृदुभाषी और निर्विवाद छवि है। इसके बावजूद उनका टिकट फाइनल न होने से समर्थकों में खासी मायूसी है। उनके टिकट के विकल्प के तौर पर कई नामों की चर्चा हो चुकी है। बरेली में भाजपा का टिकट फाइनल होने के बाद सपा अपनी रणनीति और टिकट दोनों बदल सकती है। बरेली से टिकट की कतार मे बहेड़ी से विधायक रहे पूर्व मंत्री छत्रपाल गंगवार का नाम सबसे ऊपर है। हालांकि पहले वह पीलीभीत से टिकट मांग रहे थे। लेकिन भाजपा पीलीभीत और बरेली दोनों लोकसभा मे कुर्मी बिरादरी के प्रत्याशियों को नही उतारेगी। इस वजह से आरएसएस की पृष्ठभूमि के नेता छत्रपाल गंगवार का नाम अब बरेली से चल रहा है। इसके अलावा आरएसएस के चहेते डा. हरिशंकर गंगवार का नाम भी भाजपा से टिकट पाने वालों की सूची में है। भाजपा बरेली से कुर्मी बिरादरी को छोड़कर किसी को भी टिकट देगी तो उनकी पहली पसंद मेयर उमेश गौतम है।पीलीभीत से जितिन, बदायूं मे मौर्या या मां बेटे टिकट की कतार मे
पार्टी सूत्रों के अनुसार पूर्व केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश सरकार मे पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद का नाम पीलीभीत में भाजपा से टिकट पाने वालों में सबसे ऊपर है। पार्टी अगर वहां जितिन को टिकट देगी तो संतोष गंगवार, छत्रपाल को बरेली से लड़ाया जा सकता है। पीलीभीत मे छत्रपाल को टिकट मिलता है तो बरेली से उमेश गौतम को चुनावी समर मे उतारा जाएगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और भाजपा एक कद्दावर मौर्य नेता को बदायूं से शिवपाल यादव के खिलाफ टिकट देने की बात चल रही है। शुक्रवार की देर रात तक सभी टिकट फाइनल हो जाएंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर गृह मंत्री अमित शाह समेत पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में मंथन चल रहा है।।

बरेली से कपिल यादव

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