भमोरा, बरेली। झारखंड की अफीम बरेली मे खपाई जा रही है। बरेली पुलिस ने विशाल के बाद अब दो और आरोपी पकड़े है जो झारखंड से अफीम मंगाकर बरेली में बेच रहे थे। बरेली में उनके कस्टमर्स ट्रक ड्राईवर्स और दूसरे लोग हैं। बरेली में पहले से ही नशे के सौदागरों का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। झारखंड कनेक्शन भी इसमें जुड़ गया है। झारखंड में कहां से अफीम आती है और यहां कितने ड्रग्स माफिया इसमें शामिल हैं। पुलिस इन सवालों के जवाब तलाशने में जुटी है, ताकि पूरा नेटवर्क ट्रेस करके कोई ठोस कार्रवाई की जा सके। फिलहाल बरेली पुलिस ने भमोरा मे विशारतगंज थाना क्षेत्र के सिसौना गांव के महेंद्र और अलीगंज थाना क्षेत्र के कल्याणपुरी पट्टी के कुलदीप को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 511 ग्राम अफीम बरामद की है। एक दिन पहले ही पुलिस ने बिशारतगंज क्षेत्र के ही विशाल को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 5 किलो 300 ग्राम के आसपास अफीम मिली थी। विशाल ने पूछताछ में बताया था कि झारखंड का एक व्यक्ति बरेली में अफीम पहुंचाकर जाता है। रेलवे स्टेशन पर से उससे अफीम की खेप रिसीव की जाती है। इसमें उसने एक और सहयोगी का नाम लिया था। पुलिस उसकी तलाश में है। इधर दो और अफीम तस्कर पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि भमोरा में बमियाना मोड़ के पास दो संदिग्ध व्यक्ति हैं। पुलिस ने तलाशी ली तो उनके पास से नशे का सामान बरामद हुआ। पूछताछ में दोनों ने बताया कि झारखंड से सस्ते दामों पर अफीम लेकर बरेली आते हैं और यहां मोटी कीमत पर बिक्री करते हैं। फुटकर में ट्रक ड्राईवर्स के अलावा अन्य ग्राहकों को सप्लाई करते हैं। अब पुलिस ये पता लगाने में जुटी है भमोरा में और कौन लोग इस अवैध धंधे से जुड़े है। झारखंड से कब से अफीम बरेली आ रही है। वहां का नेटवर्क पर भी जांच जारी है। सनद रहे कि बरेली में पिछले दिनों ही 50 किलो से ज्यादा डोडा की एक खेप पकड़ी गई थी, जिसे पंजाब के पटियाला ले जाया जा रहा था। बरेली परिक्षेत्र में पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं में भी बड़े पैमाने पर ड्रग्स पकड़ा जाता रहा है और मंडल के चारों जिलों में ड्रग्स माफिया सक्रिय हैं।।
बरेली से कपिल यादव
