एससी-एसटी संबंधी 215 मामले किए गए निस्तारित: डॉ रामबाबू हरित

बरेली। अनुसूचित जाति व जनजाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामबाबू हरित ने मंगलवार को सर्किट हाउस में हुई प्रेस वार्ता में कहा कि प्रदेश मे एससी-एसटी वर्ग के लोगों से संबंधित तीन हजार एक सौ सात मामले आयोग में प्राप्त हुए। इनमें से 1981 मामलों को संबंधित विभागों को निस्तारण के लिए भेजा गया है। वहीं 1126 मामलों में संबंधित विभागों द्वारा रिपोर्ट मंगाकर आयोग द्वारा निस्तारण किया गया। बताया कि उनके कार्यकाल मे 342 मामलों में से 215 को निस्तारित किया जा चुका है। आयोग कुछ मामलों में जैसे समाचार पत्रों, इलेक्ट्रानिक मीडिया में आई खबरों का स्वतः संज्ञान भी लेता है। ऐसे मामले को नियमानुसार निस्तारण करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल मे आयोग में सुनवाई हेतु 342 मामले लंबित थे, जिनमें पुलिस विभाग के 280 राजस्व विभाग के 40 व विभाग से संबंधित 22 मामले लंबित थे। इनमें से 215 मामले निस्तारित किए गए। श्री हरित के कार्यकाल के 5 माह से भी कम समय में कुल 3107 प्रार्थना पत्र आयोग में प्राप्त हुए जिनमें से 1981 मामलों में संबंधित विभागों को अपने स्तर से निस्तारण हेतु भेजे गए। 1126 मामलों में संबंधित विभागों से आख्यायें मंगाकर आयोग द्वारा निस्तारण किया गया। प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि ऐसी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि एससी-एसटी के व्यक्तियों को सरकार द्वारा दी जा रही आर्थिक सहायता सक्षम प्राधिकारियों द्वारा समय से नहीं पहुंचाई जा रही है। उन्होंने आर्थिक सहायता से संबंधित मामलों का गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेकर उनका निस्तारण कराया है। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ गलत तरीके से मुकदमा दर्ज न हो इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि पहले मामले की जांच कराई जाए। एससी-एसटी एक्ट का गलत प्रयोग करने वाले लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाए।जिसके फलस्वरूप दो माह से कम की अल्प अवधि में 83 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए पीड़ित परिवार को 1,24,91,250 रुपये की धनराशि आर्थिक सहायता के रुप मे आयोग के हस्तक्षेप से उपलब्ध कराई गई। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग से प्राप्त आकड़ों के आधार पर वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक) 2020-2021 में अत्याचारों से उत्पीड़ित अनुसूचित जाति एवं जनजाति के 23,592 व्यक्तियों को 229.05 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। 31 अगस्त 2021 को आयोग में विचाराधीन 19 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से 08 मामलों का निस्तारण किया गया।।

बरेली से कपिल यादव

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