एईएस की अंतर विभागीय बैठक में प्रचार प्रसार गैप असेसमेंट पर जोर

  • एईएस पर 93 सीएचओ का प्रशिक्षण भी शुरू
  • एएनएम, आशा, जीविका, आंगनबाड़ी और जनप्रतिनिधियों को एईएस पर किया गया है प्रशिक्षित
  • जल्द ही एंबुलेंस के ईएमटी को मिलेगा प्रशिक्षण

वैशाली/बिहार- एईएस की तैयारी और अंतर विभागीय सहयोग के मद्देनजर शनिवार को समाहरणालय भवन में जिला टास्क फोर्स की बैठक आहूत की गयी, जिसकी अध्यक्षता डीडीसी चित्रगुप्त कुमार ने की। बैठक में शिक्षा, आईसीडीएस, पंचायती राज, परिवहन समेत कुल 12 विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चमकी की तैयारी को लेकर डीडीसी के सवाल के जवाब में सिविल सर्जन डॉ श्यामनंदन प्रसाद ने कहा कि चमकी के नियंत्रणार्थ जिला पूरी तरह तैयार है। पीएचसी, सदर और रेफरल स्तर पर उपचार की व्यवस्था की गयी है। पीएचसी में जहां दो बेड के स्पेशल एईएस वार्ड, सदर में दस बेड के पीकू में तथा रेफरल के लिए एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर में व्यवस्था की गयी है। प्रचार प्रसार के लिए आशा, आंगनबाड़ी तथा जीविका दीदीयों की भी मदद ली जा रही है। शनिवार से जिले के 93 सीएचओ को बैच बनाकर प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एवं सदर अस्पताल में एईएस जेई से संबंधित गैप असेसमेंट किया गया है। आवश्यक दवा एवं उपकरणों की हमेशा पर्याप्त मात्रा रहे इसे भी सुनिश्चित किया गया है। प्रचार प्रसार के लिए आरबीएसके के 20 वाहन तत्पर हैं। वहीं 1638 सरकारी दीवारों पर जागरूकता हेतु लेखन का कार्य भी किया गया है। जिला एवं प्रखंड स्तर पर कंट्रोल रूम की भी व्यवस्था की गयी है।

एम्बुलेंस के ईएमटी को प्रशिक्षण जल्द:

सिविल सर्जन डॉ श्याम नंदन प्रसाद ने बताया कि जिले के 53 एंबुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन को जल्द ही प्रशिक्षित किया जाएगा। यह एईएस मरीज के लिए काफी लाभदायक होगा तथा उनकी हालत को एंबुलेंस में स्थिर रखने में मदद करेगा। ग्लूकोज लेवल के 60 से कम होने पर एईएस पीड़ित को एंबुलेंस में ही स्लाइन चढ़ाया जा सकेगा।

75 स्वास्थ्य कर्मियों को मिला है प्रशिक्षण:

जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ सुनील केसरी ने बताया कि जिले में अभी तक 19 चिकित्सा पदाधिकारियों को एईएस/जेई से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया है। ये प्रशिक्षित चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा अपने अपने स्वास्थ्य संस्थानों के अन्य चिकित्सा पदाधिकारियों एवं चिकित्सा कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। वहीं इसके अलावे 75 स्वास्थ्य कर्मियों को भी प्रशिक्षण दिया गया है। ये प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मी अपने – अपने स्वास्थ्य केंद्रों पर आशा कर्मी जीविका, शिक्षक एवं पंचायती राज के कर्मियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर से भी आशा एवं एएनएम को एईएस एवं जेई संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

हर पंचायत से एक वाहन किया जा रहा टैग:

डॉ केसरी ने बताया कि हर पंचायत से एक प्राइवेट वाहन को टैग किया जा रहा है, ताकि चमकी से ग्रसित बच्चे को तुरंत अस्पताल लाया जा सके। वहीं इसके अलावा जिले की 53 एंबुलेंस भी चमकी के मरीजों को अस्पताल पहुंचाएगी। इन सबके अलावा अगर कोई व्यक्ति निजी वाहन से किसी भी सरकारी अस्पताल पहुंचता है तो उसे किलोमीटर की दर से तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पर ही भुगतान कर दिया जाएगा। मौके पर डीडीसी चित्रगुप्त कुमार सिविल सर्जन डॉ श्यामनंदन प्रसाद, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ कुमार मनोज, जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ सुनील केसरी, जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी, केयर डीटीएल सुमित कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

– बिहार से नसीम रब्बानी

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