अकीदत के साथ मनाई बकरीद, मस्जिदों मे मांगी मुल्क की सलामती व सौहार्द की दुआ

बरेली। बकरीद की नमाज को लेकर लोगों ने सुबह से ही तैयारी शुरू कर दी थी। बड़ों से लेकर बच्चे तक नए-नए कपड़ों में तैयार होकर मस्जिदों की तरफ निकले। हर मोहल्ले में लोग अपने अपने इलाकों में समय के अनुसार मस्जिदों में नमाज के लिए पहुंचते रहे। देखते देखते सभी मस्जिदें भर जा रही थीं। यह सिलसिला सुबह 6:45 बजे से शुरू हुआ और 10:30 बजे तक जारी रहा। दो साल कोरोना की बंदिशों की वजह से बकरीद की नमाज नहीं हो पाई थी। इस बार मौका मिला तो लोगों में जोश भी नजर आया। इसके बाद दिन भर मिलने मिलाने और मुबारकबाद का सिलसिला चलता रहा। वहीं खास बात यह रही ईदगाह पर हर मजहबों मिल्लत के लोगों ने पहुंच कर मुस्लिमों को बकरीद की बधाई दी। ईद उल अजहा का त्योहार को शहर से लेकर देहात तक पूरे जोश और अकीदत से मनाया गया। ईदगाह सहित शहर की तमाम मस्जिदों में नमाज के बाद मुल्क में अमन और इत्तेहाद की दुआ की गई। हजारों लोगों ने एक साथ सजदे में सिर रख परवरदिगार से दुआ मांगी। ईदगाह में सुबह नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दीं और खुशियां बांटीं। रविवार की सुबह 5:45 बजे से ईद की नमाज का सिलसिला शुरू हुआ और 10:30 बजे तक चला। बकरीद की सबसे बड़ी नमाज बाकरगंज स्थित ईदगाह पर अदा की गई। जहां हजारों लोगों ने नमाज अदा की। यहां सुबह से ही लोग पहुंचना शुरू हो गए थे। शहर के तमाम इलाकों के अलावा देहात क्षेत्र से भी लोग नमाज अदाएगी के यहां एकत्र हुए थे। ठीक साढ़े दस बजे काजी उल हिन्दुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी ने नमाज अदा कराई। ईदगाह के बड़े मैदान पर सफों में नमाज अदा करते लोग देखने वालों में जोश भर रहे थे। नमाज के बाद मुल्क सहित पूरे विश्व के लिए अमन-ओ-इत्तेहाद की दुआ करते खुदा से सलामती मांगी। दरगाह आला हजरत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि ईद-उल-अज़हा की नमाज बाकरगंज स्थित ईदगाह, किला की जामा मस्जिद व दरगाह आला हजरत समेत शहर भर की सभी दरगाहों, खानकाहों और मस्जिदों में पुर अमन माहौल में अदा की गई। ईदगाह में मुफ्ती काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा कादरी, जामा मस्जिद में मुफ्ती खुर्शीद आलम व दरगाह की रजा मस्जिद में कारी रिजवान रजा ने नमाज अदा कराई। ईदगाह समेत सभी मस्जिदों में नमाज से पहले ईद-उल-अजहा की फजीलत और हजरत इब्राहीम व हजरत इस्माईल अल्हेअस्सलाम की कुर्बानी से सम्बंधित वाकया बयान किया। कहा कि अल्लाह की रजा व खुशनूदी हासिल करने के लिए जो मुसलमान साहिबे निसाब है वो अल्लाह की राह में जानवरों की कुर्बानी करें। नमाज के बाद खुतबा पढ़कर देश दुनिया में अमन व खुशहाली की दुआ की गई। ईद उल अजहा पर शहर की सभी छोटी-बड़ी मस्जिदों में नमाज अदा की गई। साथ ही शहर के आसपास इलाकों जैसे स्टेशन रोड मस्जिद, परसाखेड़ा मस्जिद, बिधौलिया, सरनिया, गोविंदापुर मस्जिदों मे भारी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। बकरीद की नमाज के बाद लोगों ने घरों में मिलने वालों का तांता लगा रहा। सेवईयां जायका ही नहीं, दोपहर बाद लजीज पकवान बनाए गए। हफ्तों पहले से घरों में मेहमानों के लिए पकवानों की रेसिपी की तैयारी शुरू हो जाती है। बकरीद के मद्देनजर सुबह पांच बजे से ही पुलिस सड़कों पर तैनात हो गई थी। पुलिस और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवान पैदल गश्त कर रहे हैं। मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील इलाकों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे की मदद ली गई। पुलिस का सोशल मीडिया सेल भी सतर्क रहा। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर पैनी निगह रखी जा रही है।।

बरेली से कपिल यादव

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