राजस्थान/ बाड़मेर- राज्य सरकार द्वारा संचालित शहरी एवं ग्रामीण सेवा शिविरों की प्रगति एवं प्रभावशीलता का जायजा लेने के लिए प्रभारी सचिव हरजीलाल अटल बालोतरा जिले के दौरे के दौरान विभिन्न सेवा शिविरों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होने नगर परिषद बालोतरा, पायलाकला, चाडों की ढाणी में ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने शिविरों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया, विभागीय अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली तथा आमजन को प्रदान की जा रही राहत एवं सुविधाओं की समीक्षा की।
प्रभारी सचिव सर्वप्रथम नगर परिषद परिसर में आयोजित शहरी सेवा शिविर पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति जानी। उन्होंने लाभार्थियों से संवाद कर शिविरों के माध्यम से मिल रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। अटल ने कहा कि सेवा शिविर केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम नहीं हैं, बल्कि सुशासन को आमजन तक पहुंचाने का प्रभावी मंच भी हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी कार्यों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिविर आयोजित होने से पूर्व पात्र व्यक्तियों की पहचान, आवश्यक दस्तावेजों की तैयारी, आवेदन पत्रों का संकलन, आधारभूत समस्याओं के समाधान तथा योजनाओं के लाभ वितरण से संबंधित सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं, ताकि शिविर के दिन अधिकतम प्रकरणों का निस्तारण किया जा सके। जिन मामलों का समाधान शिविर दिवस पर संभव नहीं हो सके, उनके लिए नियमानुसार फॉलोअप कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
प्रभारी सचिव ने नगरीय निकाय, सामाजिक सुरक्षा, पेयजल, विद्युत, चिकित्सा एवं अन्य विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि पट्टा वितरण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, जल निकासी तथा आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
उन्होंने नगर परिषद अधिकारियों को लंबित पट्टा प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा पट्टा वितरण में दी गई विभिन्न छूटों एवं राहतों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक नागरिक इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि पट्टा संबंधी कोई भी फाइल कार्यालय से बाहर नहीं रहनी चाहिए तथा सभी प्रकरणों का पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण किया जाए। अटल ने जनाधार कार्ड से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार के संशोधन अथवा नए जनाधार कार्ड बनाने से पूर्व आवश्यक जांच अवश्य की जाए।
उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जनाधार डेटा की शुद्धता अत्यंत आवश्यक है, इसलिए सत्यापन की प्रक्रिया को गंभीरता से लिया जाए। शहरी सेवा शिविर के दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित भी किया गया। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को 25-25 हजार रुपये, आठ लाभार्थियों को 15-15 हजार रुपये तथा एक लाभार्थी को 5 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इसी प्रकार प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत दो लाभार्थियों को निक्षय पोषण किट वितरित की गई। शिविर में चार लाभार्थियों को नामांतरण प्रमाण पत्र तथा पांच पात्र व्यक्तियों को पट्टों का वितरण भी किया गया। शिविर में विशेष योग्यजनों को विभिन्न सहायक उपकरण प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान दो ट्राई साइकिल, तीन व्हील चेयर, एक इलेक्ट्रॉनिक छड़ी तथा एक श्रवण यंत्र वितरित की गई। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत दो लाभार्थियों को 51-51 हजार रुपये के चेक भी प्रदान किए गए।
प्रभारी सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इसके लिए सेवा शिविरों को जनसहभागिता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ संचालित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक पात्र नागरिक को योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान संभव हो रहा है, जिससे लोगों का समय और संसाधन दोनों बच रहे हैं। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप इन शिविरों को जनसेवा का प्रभावी माध्यम बनाकर सुशासन की अवधारणा को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर भुवनेश्वर सिंह चौहान, नगर विकास न्यास के सचिव अशोक कुमार, नगर परिषद आयुक्त जयप्रकाश डउकिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वांकाराम चौधरी, जिला परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी महेन्द्र सिंह समेत प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
— राजस्थान से राजूचारण
