बरेली। जनपद के थाना सुभाषनगर पुलिस ने फरवरी में हुई जोगेन्द्र सिंह हत्याकांड का खुलासा करते हुए एक राजमिस्त्री को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 12 बोर का तमंचा और एक कारतूस बरामद किया है। आरोपी ने साथी ठेकेदार से मिलकर पांच लाख रुपयों के लालच में हत्या करने की बात स्वीकार की है। इंस्पेक्टर सतीश कुमार नैन ने बताया कि 21 फरवरी की रात सुभाषनगर के प्रगति नगर निवासी जोगेंद्र सिंह (40) की अज्ञात बदमाशों में घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी और रुपयों का बैग लेकर फरार हो गए। इस मामले में जोगेंद्र की पत्नी अनीता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वह मूलरूप से आंवला के गांव तिगरा खानपुर के निवासी थे और सब्जी बेचते थे। घटना के समय वह पड़ोस में ही अपने साले बदायूं में बिनावर के गांव वलीगंज निवासी हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र का मकान बनवा रहे थे। इस मामले में पुलिस ने पास में ही रहने वाले राजमिस्त्री इंद्रपाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जो मूलरूप से बदायूं में थाना वजीरगंज के गांव वालीमगंज का निवासी है। उसका साथी राजू ठेकेदार अभी फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। इंद्रपाल ने बताया कि पांच लाख की बात सुनकर उसके और राजू ठेकेदार के मन में लालच आ गया। उन दोनों ने सोचा कि अगर वे लोग रुपये चोरी कर लेते हैं तो प्लॉट खुद ही खरीद लेंगे। योजना बनाकर उसी रात दोनों निर्माणाधीन मकान के रास्ते जोगेन्द्र सिंह के घर में घुसे। वे लोग छत पर ही थे कि इसी दौरान जोगेन्द्र सिंह ऊपर पहुंच गए और इन्द्रपाल को पहचान लिया। पकड़े जाने के डर से उसने तमंचे से गोली मार दी। इसके बाद दोनों आरोपी रुपयों का बैग लेकर फरार हो गए। पूछताछ मे इंद्रपाल ने बताया कि राजमिस्त्री का काम करता था और जोगेन्द्र के घर भी आता-जाता था। वह चाहता था कि जोगेंद्र अपने साले के मकान निर्माण का कार्य उसे दे लेकिन उसने यह कार्य राजू ठेकेदार को दे दिया। उसके रिश्तेदार नरेंद्र का प्लॉट भी जोगेन्द्र सिंह के मकान के बराबर में था। घटना से एक दिन पहले वह और राजू ठेकेदार जोगेंद्र के घर गए और नरेंद्र के प्लॉट की बिक्री की बात करने लगे। तभी जोगेंद्र ने कहा कि वह प्लॉट उसे दिला दो, पांच लाख रुपये वह अभी दे देगा।।
बरेली से कपिल यादव
